पंचम उपवास उपरान्त समाधिमरण

धर्म

 

कोपरगाँव महाराष्ट्र यम सल्लेखना
आज 5 वे उपवास पश्चात समाधिमरण

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी संघस्थ पूज्य आर्यिका श्री चेतन्य मति जी ने यम सल्लेखना अंगीकार की
बड़वाह गौरव पूज्य श्री दिनांक 14 फरवरी से चेतन्य मति जी ने
यम सल्लेखना अंगीकार कर चारो प्रकार के आहार का त्याग कर
वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी निर्यापकत्व में 15 फरवरी 2022 को समस्त संघ से क्षमा याचना कर
संस्तरारोहण किया
क्षपकोत्तमा पूज्य माताजी का परिचय
आर्यिकाश्री १०५ चैतन्यमतीजी
जन्म नाम श्रीमती विजय श्री
जन्म तिथि 4 जनवरी 1944
जन्म स्थान बड़वाह जिला खरगौन मध्यप्रदेश
पिता का नाम
स्व. श्री कुँवर चंदजी जैन
माता का नाम
स्व. श्रीमती माणकबाईजी जैन
पति का नाम
श्री विमलचंदजी जैन
लौकिक शिक्षा
हायर सेकेण्डरी
व्रत प्रतिमा 5
दीक्षा गुरु
आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज
दीक्षा दिनांक स्थान
14 अक्टूबर 2016 आसोज शु. 13 शुक्रवार
सिद्धक्षेत्र श्री सिद्धवरकूटजी (म.प्र.)
समाधि
वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश
नियापकाचार्य आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी से 14 फरवरी 2022 को यम सल्लेखना लेकर चारो प्रकार के आहार का त्याग किया आज दिनांक 18 फरवरी को समता भाव पूर्वक समाधि मरण हुआ
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
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