जीवन में सुख दुःख आने से प्राप्त होते अनुभव :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
जयपुर
प. पू. भारत गौरव, गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ सान्निध्य में धर्म की महती प्रभावना हो रही है। जवाहर नगर जैन समाज ने उत्साह के साथ आर्यिका संघ को आहार दान देने का सौभाग्य प्राप्त किया। प्रतिदिन प्रवचन एवं आनंद यात्रा के माध्यम से अनेकों श्रद्धालु भक्ति रस में डुबकी लगाने का आनंद प्राप्त कर रहे है। गुरुमाँ के दर्शन हेतु झालावाड, कोटा, निवाई एवं चाकसू के भक्तों की टोली आई थी।
पूज्य माताजी ने सभी को मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि – जीवन में सुख और दुःख तो आते जाते रहते हैं । उसमें हमें कभी हिम्मत नहीं हारना चाहिए । जिस प्रकार रात के बाद दिन होता है उसी तरह कभी सुख और कभी दुःख आते रहते हैं ।

जिंदगी तस्वीर भी है और तकदीर भी । फर्क तो सिर्फ रंगों का है । मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर और अनजाने रंग से बनें तो तकदीर । जीवन में मुसीबत आये तो कभी घबराना मत क्योंकि गिरकर उठने वाले को ही बाजीगर कहते हैं । सुख दुःख तो अतिथि है , बारी बारी से आयेंगे और चले जायेंगे । यदि यह नहीं आयेंगे तो हम अनुभव कहाँ से लाएंगे । लोग बुराई करें और आप दुखी हो जाओ । लोग तारीफ करें और आप सुखी हो जाओ। मतलब आपके सुख दुख का स्विच लोगों के हाथ में है? कोशिश करें ये स्विच आपके हाथ में हो।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
