तपोभूमि में सिद्धचक्र महामंडल विधान हेतु 90परिवारों ने दी सहमति
उज्जैन
तपोभूमि उज्जैन में 50 दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान की गहमागहमी प्रारंभ हो गयी। इसी बेला में घट स्थापना, जुलूस, ध्वजारोहण, में समाजजन ने अपनी सहभगिता दी।
नवीन विधा से विधान
तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के पावन सानिघ्य में यह महामंडल विधान होगा। प्रथम बार यह विधान नई विधा से होगा। इसमें सम्मलित होने हेतु सम्पूर्ण देश से 90 परिवारो की सहमति आ चुकी है।
विधान की खास बात
यह विधान 8 दिन को होना है। पूज्य आचार्य श्री ने सभी की सहभगिता हो इस हेतु इस विधान को सक्षिप्त कर एक दिन में पूरा करने की नवीन विधि तैयार की है।
विश्व मे यह पहला मौका कासलीवाल
तपोभूमि के सचिव श्री कासलीवाल ने बताया यह विश्व में पहला मौका है, जब 50 दिवसीय महामंडल विधान होगा। इसमें सम्मलित होने हेतु देशभर से भक्त आ रहे है।
पूज्य प्रज्ञासागर महाराज ने अपने उदबोधन में कहा समस्त महामंडल विधानों में सिद्धचक्र महामंडल विधान सर्वश्रेष्ठ होता है। उन्होंने कहा हर व्यक्ति का यह सोच होता है, मुझे जीवन मे यह विधान एक बार कराना है। यह विधान 8 या 9 दिन तक होता है, लेकिन हमने विधान की प्रक्रिया को प्रत्येक परिवार को आसान हो इसका संकल्प लिया है।
विधान का महत्व
जैन दर्शन में इस महामंडल विधान का विशेष महत्व है जिसका प्रमाण मैनासुदरी कथा से मिलता है। इसके द्वारा रोग, शोक, व्यधि के सुख, सम्रद्धि, ऐश्वर्य को पाया था। जीवन मे हर एक व्यक्ति एक बार यह विधान करवाने की इच्छा रखता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
