विपत्ति में संयम और दृढ़ता बनाए रखें प्रमाण सागर महाराज
भोपाल
परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रमाण सागर महाराज ने सफल जीवन के विषय में बताया उन्होंने बताया कि आपकी नजरों में दोष हो तो कोई दुख नहीं, लेकिन नजरिया में दोष हो तो सबसे बड़ी बुराई है ।
हमारे देखने के दृष्टिकोण से ही जीवन के बहुत से कष्ट दूर कर सकते हैं। उदाहरण के माध्यम से बताया कि जैसे गिलास में पानी आधा भरा होने पर, हम उसे आधा खाली की बजाय आधा भरा भी कह सकते हैं।
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बताएं उन्होंने कहा कि दुख में सुख खोजो, अपनों से नीचे के लोगों को देखें कि मुझसे अधिक दुख उनके पास है। प्रतिकूलता में अनुकूलता देखें। विपत्ति में संयम और दृढ़ता बनाए रखें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
