संतो के प्रवेश बिहार दोनों से होता है मंगल आचार्य वर्धमान सागर महाराज

धर्म

संतो के प्रवेश बिहार दोनों से होता है मंगल आचार्य वर्धमान सागर महाराज


डिग्गी
लावा ग्राम में पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने रविवार को धर्म सभा संबोधित करते हुए कहा कि संतों का नगर में आना व जाना एक दरिया के समान है। संत जिस नगर में प्रवेश करते है वहा सोना सोना हो जाता है । संत जिस नगर से जाते है वहा  सुना सुना हो जाता है।

उन्होंने कहा कि संतो का प्रवेश व विहार दोनो मंगल होते है। संतो के चरण पढ़ने से नगरी धर्ममय हो जाती है। पूज्य गुरुदेव ने कहा कि जीवन में हमेशा अच्छी संगति करो जैसी संगति करोगे वैसा ही मन होगा। संगति का जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है उन्होंने भगवान महावीर द्वारा बताए गए सिद्धांतों का जीवन में पालन करने वह उनको जीवन में उतारने का आवाहन किया।

 

 

आचार्य श्री ने कहा कि पर्वतराज सम्मेद शिखर पवित्र स्थल है जहां पर जैन धर्म के 20 तीर्थंकर मोक्ष गए हैं

 

केंद्र व राज्य सरकार दोनों को जैन धर्म पवित्र तीर्थ स्थल का संरक्षण करने में अपना योगदान देना चाहिए। आचार्य श्री का संघ रविवार को लावा से मंगल विहार करते हुए संध्या बेला में अग्रवाल सेवा सदन डिग्गी पहुंचा। धर्म सभा में सोहनलाल जैन महेंद्र कुमार जैन संदीप गोयल संदीप गर्ग पदम चंद जैन लालचंद जैन सुरेंद्र अजमेरा संजय जैन अंकित जैन सक्षम सहित श्रद्धालु मौजूद रहे। अग्रवाल सेवा सदन डिग्गी पहुंचने से पूर्व डिग्गी मोड़ से अग्रवाल सेवा सदन तक बैंड बाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई अग्रवाल सेवा सदन में समाज 84 अध्यक्ष अनिल सुराशाही मुख्य संरक्षक हुकुमचंद जैन कोषाध्यक्ष महेंद्र जैन जयपुर महामंत्री गोविंद नारायण जैन आदि जन मौजूद रहे।

राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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