मां और मातृशक्ति से बड़ा दुनिया में कुछ भी नहीं है सुनील सागर महाराज
किशनगढ़
आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज ने आरके कम्युनिटी सेंटर में सोमवार की बेला में महिला कन्या बेटी कैसे करें पिता के तिलक का सम्मान विषय पर अपना उद्बोधन प्रदान किया।
आचार्य गुरुदेव ने कहा कि शील, संयम और संस्कारों से युक्त बेटिया ही अपने परिवार का तिलक होती हैं। ऐसी बेटियां ही अपने परिवार या पिता के तिलक का सम्मान हर हाल में रखती हैं। मां और मातृशक्ति से बड़ा दुनिया में कुछ नहीं है।

आचार्य श्री ने कहा कि परिवार के सम्मान की मर्यादा का पालन करना तो बेटियो की जिम्मेदारी ही है। ऐसे में परिवार की ओर से दी जाने वाली स्वतंत्रता का मान रखना आवश्यक है। बेटियों को गरिमा और मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। मातृभक्ति कमजोर नहीं है। लेकिन परिस्थितियों के हिसाब से कमजोर हो जाती है। कोई भी परिस्थिति आए लेकिन स्वयं को कमजोर नहीं समझे। उस परिस्थिति का मजबूती से सामना करना चाहिए। महाराज श्री ने कभी भी नशा नहीं करने, किसी भी हालत में आत्महत्या या हत्या नहीं करने, जीवन भर संस्कार और मर्यादाओं का सम्मान करने, सकारात्मक सोच रखने का संकल्प प्रवचन के दौरान छात्राओं को दिलाया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
