माता पिता जिन्होंने अपने सुखों का त्याग करके आपको जन्म दिया ए और खड़ा किया अपने उस जन्मदाता के इस अहसान को कभी मत भूलना” प्रमाण सागर महाराज
विदिशा
श्री धर्मनाथ दि. जिनबिम्ब पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिवस मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने भगवान के जन्मकल्याणक के अवसर पर संबोधित करते हुये कहा कि आज भगवान का जन्म हुआ है आप लोग तो खुश है ही सुबह से प्रकृति का समूचा वातावरण ही खुशनुमा दिखाई दे रहा है।उन्होंने कहा कि भगवान का जन्म जगत के कल्याण के लिये होता है। गुरुदेव ने अपने हायकू में लिखा है कि





भगवान का जन्म दशों दिशाओं को खुश कर देता है। मुनि श्री ने कहा कि एक मां अपने बच्चे को जन्म दैने में अपने आपको सौभाग्यशाली मानती है उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुये कहा कि” माता पिता जिन्होंने अपने सुखों का त्याग करके आपको जन्म दिया और खड़ा किया अपने उस जन्मदाता के इस अहसान को कभी मत भूलना” नौ माह तक प्रसव की पीड़ा को सहन करने वाली उस मां के त्याग और उपकार को कभी मत भूलना अपने पिता के उस अहसान को मत भूलना उन्होंने कितनी कठिनाईयो से आपको पाला होगा उन्होंने जन्म दिया, जीवन दिया, शिक्षा दी, और संस्कार दिये, यदि यह हमें न मिले होते तो क्या आप उच्च शिक्षा प्राप्त कर अधिकारी बने होते?
कितना बड़ा उपकार है उनका यदि न किया होता तो आप आवारा
लुच्चा लफंगा होकर किसी अनाथालय में पल रहे होते, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि आज देश में वृद्धाश्रम बढ़ रहे है आखिर क्यों? इस बात पर विचार करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मुनि श्री निर्वेग सागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य गुरुदेव ने मूकमाटी में लिखा है कि मनुष्य की वासना संयमित हो इसलिये स्त्री गर्भ धारण करती है। जिसका जन्म हुआ हुआ उसका मरण भी अनिवार्य है आज प्रभु का जन्म हुआ है और उनका मोक्ष भी होगा उन्होंने कहा कि धन्य है वह मां जिन्होंने ऐसे पुत्र को जन्म दिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
