*जीवन की नींव है आस्था :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, पार्श्वनाथ कालोनी, निर्माण नगर जयपुर में साधनारत प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ सान्निध्य में धर्म की महती प्रभावना हो रही है। प्रातः कालीन अभिषेक, शांतिधारा में भक्ति भावों के साथ भक्तों ने भक्ति की।
प्रवचन सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म का उपदेश देते हुए माताजी ने कहा कि- आस्था ही जीवन की नींव है, आस्था ही मानव की रीत है। जीवन में आस्था ही रास्ता दिखाता है। मोक्षमार्ग का रास्ता बिना आस्था या सम्यग्दर्शन के शुरू नहीं हो सकता। आस्था के बिना जीवन निर्जीव, मुर्दा के समान है। जीवन में जान डालने का काम आस्था का है।
पूज्य गुरुमाँ की आहारचर्या कराने का परम सौभाग्य सज्जन जी कासलीवाल सपरिवार ने प्राप्त किया। आगामी 24 मई 2024 प्रात: 5.30 बजे आर्यिका ससंघ का मंगल विहार निर्माण नगर से नेमिसागर कालोनी की ओर होने जा रहा है।
