मुनि श्री ब्रह्मानन्द सागर शिक्षण एंव जैन संस्कार शिविर का शोभायात्रा निकालकर झण्डारोहण कर किया गया शुभारंभ

धर्म

मुनि श्री ब्रह्मानन्द सागर शिक्षण एंव जैन संस्कार शिविर का शोभायात्रा निकालकर झण्डारोहण कर किया गया शुभारंभ

पिड़ावा:-

सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में पिड़ावा की धार्मिक नगरी में आत्म कल्याण में सहयोगी जिनेन्द्र भगवान की वाणी का रसास्वादन करने हेतु दिनांक 5 मई से 13मई 2024तक ब्रम्हानंद सागर शिक्षण एंव संस्कार शिविर की शौभायात्रा निकाल कर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जुना मन्दिर नवीन जिनालय खंडुपुरा में झण्डारोहण किया गया।

 

जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि हर साल की भांति इस वर्ष भी श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जुना मंदिर नवीन जिनालय खंडुपुरा में बाल ब्रम्हचारी संजय भैया जी पठारी के कूशाल निर्देशन एवं सानिध्य में पुण्यार्जक परिवार राजेन्द्र जैन पूर्व चेयरमैन, प्रमोद जैन,बन्टी भैया की और से विधिवत रूप से झण्डारोहण कर 9 दिवसीय शिविर का उदधाटन किया गया।

 

 

 

 

 

 

इस शिविर में गागर में सागर के समान अथाह ज्ञान को समाये हुवे सरल, प्राकृत प्रवेश (आचार्य प्रणीत ग्रन्थों की आत्म हितकारी 51गाथाएं ), प्रातः 8.00बजे से9.00बजे तक ,दोपहर में 3.00बजे से 4.00बजे तक इष्टोपदेश व रात्रि में 8.00बजे से 9.00बजे तक परमात्म गीतिका( भावना बतीसी का बहुत सुन्दर विवेचन) का अध्ययन बहुत सरल रूप में हनो दिनों तक होगा।

एवं छोटे भैया , बहिनों को राजकुमार जैन, कुलदीप जैन,पीयुष जैन, सचिन जैन,चेतन जैन, रानी जैन,सोनु राजस्थानी, प्रीति जैन, प्रांजल शास्त्री , माधुरी जैन,निहारिका जैन,अनुभुति जैन,राजुल जैन अध्यापकों द्वारा जिनागम प्रवेश का अध्ययन कराया जाएगा।

 

 

 

 

शिक्षण शिविर के उदधाटन सत्र में 7.30बजे जुना मन्दिर से ध्वजा, बैण्ड, आदि के साथ मां जिनवाणी को श्रावको ने मस्तक पर रखकर शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा खण्डुपुरा से नयापुरा लाल जैन मंदिर नयापुरा होते हुवे मौहल्ला पिपली चौक,शहर मौहल्ला, सेठान मौहल्ला होते हुवे वापस खण्डुपुरा पहुंची। शौभायात्रा में श्रावक सफेद वस्त्र में व श्राविकाये केसरिया साड़ी व मण्डल की साड़ी में चल रही थी तत्पश्चात जुना मन्दिर आकर प्रातः 8.30 शिविर का विधिवत रूप से उद्घाटन मंगलमय मंगलाचरण गोरी जैन व संजना जैन द्वारा किया गया इस अवसर पर बाल ब्रम्हचारी संजय भैया पठारी ने बताया कि सबसे पहले तो धर्म की प्रभावना ओर अपनी आत्मा की प्रभावना रत्नत्रय के माध्यम से करें इसके लिए सम्यक दर्शन,सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र को अपनाना होगा। इसके बाद सभी श्रावक, श्राविकाओं, बच्चों को प्रभावना राजेन्द्र जैन पूर्व चेयरमैन की और से वितरित की गई।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *