दुख में सुख खोजने की कला विकसित करें प्रमाण सागर महाराज
सागर
कटरा नमक मंडी में शंका समाधान प्रणेता एवं भावना योग के प्रवर्तक मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि दुख में सुख खोजने की कला विकसित करें. समस्या के वजह समाधान की तरफ दृष्टि रखें.
कटरा नमक मंडी स्थित जैन मंदिर में विराजमान मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने आज सोमवार को प्रात:कालीन धर्मसभा में जीवन में सुखी रहने के चार सूत्र बताए. उन्होने कहा कि प्रतिक्रियाएं परेशान करती हैं, जो कि नकारात्मक होती है. प्रतिक्रियाओं से प्रभावित न हों. बात पकड़ोगे तो वात रोग लग जायेगा. नजर अंदाज करना सीखो. बात को पकड़ोगे तो उलझ जाओगे और छोड़ दोगे तो सुलझ जाओगे. जीवन को प्रसन्न बनाए रखने के लिए बातों को नजर अंदाज करें और बर्दाश्त करना भी सीखें. सकारात्मक दृष्टिकोण हमेशा बनाएं रखें.

मुनिश्री ने कहा कि अपनी स्थिति में संतुष्ठ और प्रसन्न रहना जीवन का मूल मंत्र है. चार सूत्रों का आत्मसात करें तो जीवन सुखी बना रहेगा. मुनिश्री ने कहा कि कुछ लोग व्यापार में घाटा लगने को





नुकसान बताते हैं तो कोई इसको नसीहत मानकर व्यापार को पुन: शुरु करते हैं. उन्होने एक पुराना किस्सा सुनाते हुए बताया कि एक व्यक्ति जो प्रतिदिन धर्मसभा में आकर बगैर तनाव के धर्मलाभ लेता था जब उसके बारे में उसके एक साथी ने बताया कि उस व्यक्ति की पत्नी असाध्य बीमारी से पीडि़त हैं तो वहीं उसका भाई मानसिक रुप से विक्षिप्त है. पिता का स्वर्गवास हो गया है और मां बीमार है. लोग उसको समस्या बताते हैं जब उस व्यक्ति से पूछा तो उसने कहा कि जो लोग परेशानियों को समस्या बताते हैं मैं यह समझता हूं कि यह मेरी तपस्या है. मुनिश्री ने कहा कि सकारात्मक दृष्टि रखें. जैसे कुकर में प्रेशर बढऩे पर ही सीटी बजती है वैसे ही तनाव बढऩे पर प्रसन्नता की सीटी बजाएं।
*मुनिसंघ ने मंदिरों के दर्शन किए*

सुबह मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज का ससंघ नगर के आधा दर्जन मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। पहले चौदरन बाई जैन मंदिर, वर्धमान कॉलोनी जैन मंदिर,के बाद मुनि श्री उदासीन आश्रम पहुंचे जहाँ पर मुनि श्री के मुखारबिंद से शांति धारा हुई। इसके पश्चात आचार्य श्री विद्या सागर साधिका आश्रम में पहुंचकर निरीक्षण किया और साधिकाओं को आशीर्वाद दिया। इसके बाद मुनिश्री अतिशय क्षेत्र काकागंज पहुंचे। यहां पर सैकड़ों भक्तों ने आगवानी की यहाँ पर मुनिश्री ने शांतिधारा पढ़कर भक्तों को आशीर्वाद दिया। जैन समाज की प्राचीन संस्था मोराजी पहुंचकर वहां पर भक्तों को आशीर्वाद दिया और मंदिर में दर्शन किए। 
मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि आठ बजे श्री पारसनाथ जिनालय में मुनिश्री के द्वारा शांति धारा हुई प्रथम शांति धारा विनय डबडेरा द्वितीय प्रकाश पारस राहुल रवि जैन, तीसरी आनंद राहुल जैन, चतुर्थ शांतिधारा देवेंद्र जेना स्टील ने की। पाद प्रचालन संतोष बिलहरा और इन्द्र कुमार नायक प्रकाश पारस ने किया।
भावना योग 21 मई को होगा
भावना योग के प्रणेता मुनिश्री प्रमाण महाराज के सानिध्य में 21 मई को सुबह 5 बजे से भावना योग का कार्यक्रम कटरा बाज़ार स्थित नमक मंडी जैन मंदिर के फर्स पर पंडाल में होगा पिछले एक दशक से भावना योग के माध्यम से असाध्य रोगों का इलाज होता है मुनि महाराज के द्वारा कराया जा रहा है इस कार्यक्रम को लेकर के सागर में उत्साह है और हजारों लोग भावना योग करेंगे।मुनिसंघ के मंगल प्रवचन सुबह आठ बजे से होगे।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
