भले ही अभी में यहा से जा रहा हूं लेकिन धर्म नगरी विदिशा कभी खाली नहीं रहेगी यहा पर तो संतो का आवागमन लगा ही रहेगा विनम्र सागर महाराज

धर्म

भले ही अभी में यहा से जा रहा हूं लेकिन धर्म नगरी विदिशा कभी खाली नहीं रहेगी यहा पर तो संतो का आवागमन लगा ही रहेगा विनम्र सागर महाराज
विदिशा
गंगा हिमालय से निकलती है,और समुद्र में जाकर मिलती है”‘ उस गंगा का उपकार देखिये वह जब इलाहाबाद से निकलती है तो पवित्र करती है और जब नगर नगर डगर डगर से चलती हुई गंदगी को समेटती है तो वह मैली नहीं होती हमेशा पवित्र बनी रहती है, उसी प्रकार जो सज्जन पुरूष होते है उनके निकलने का रास्ता भी परोपकार से होकर गुजरता है।

 

उपरोक्त उदगार मुनि श्री विनम्रसागर महाराज ने श्री सिद्दचक्र महामंडल विधान के समापन अवसर पर व्यक्त किये उन्होंने कहा “जैन शासन विजेताओं का शासन है संसार से निकलने का मार्ग भले ही अलग अलग हों लेकिन परोपकार की राह तो सभी की एक ही है, अभी जिन शासन 18 हजार वर्ष तक निर्विवाद लगातार चलता रहेगा। 

आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज को स्मृति में लाते हुए महाराज श्री ने कहा कि भले ही संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महाराज आज हम सभी के बीच शशरीर नहीं है लेकिन उनकी पुण्य वर्गणाओं का साथ तथा आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का आशीर्वाद है, जो यह आठ दिवसीय विधान निर्विघ्न संपन्न हुआ।

 

 

 

 

उन्होनें कहा कि जिस नगर में भगवान शीतलनाथ स्वामी का साक्षात समवसरण लगा हुआ हो उस नगर की पुण्य वर्गणाऐं तथा महिमा ही अलग है। पूज्य गुरूदेव के आशीर्वाद से दो साल पहले आया था और पुनः विधान के निमित्त पिछले आठ दिनों से आप सभी लोगों के बीच में हूं उन्होनें पुण्यार्जक परिवार के साथ विदिशा नगर के सभी पुण्यात्माओं को आशीर्वाद देते हुये कहा कि में भले ही अभी यहा से जा रहा हूं लेकिन धर्म नगरी विदिशा कभी खाली नहीं रहेगी। यंहा पर तो संतो का आवागमन लगा ही रहेगा। जैसी जानकारी मिल रही है कि निर्यापक श्रमण वीरसागर जी महाराज आने वाले है तथा श्री धर्मनाथ दि. जैन मंदिर के जिनविंब की स्थापना हेतु बड़े महाराज मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज का भी आपको सानिध्य मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि अगली बार आऊंगा तो फिर ऐसे ही जिन शासन की प्रभावना एक और विधान के साथ होगी

 

 

।उपरोक्त जानकारी प्रवक्ता अविनाश जैन ने देते हुये बताया इस अवसर पर विधानाचार्य अविनाश भया भोपाल,अनूप भैया विदिशा एवं पंडित श्री महेंद्रजैन का पुण्यार्जक परिवार अभय वैद्य द्वारा सम्मान किया गया। प्रातःकाल हवन की क्रिआओं के साथ श्री जी का मंगल विहार अरिहंत विहार कालोनी में मुनिसंघ के सानिध्य में संपन्न हुआ।एवं मांगलिक कलश पुण्यार्जक परिवार को प्रदान किये गये।इस अवसर पर मुनि श्री की प्रेरणा से कई परिवारों ने शीतलधाम में बनने जा रहे सहस्त्रकूट जिनालय में वेदी छत्र चंवर एवं भामंडल हेतु अनुदान दैनै की घोषणा की।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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