तपस्या के सहारे ही मुक्ति का मार्ग दिखाई पड़ता है प्रसन्नसागर महाराज
पारसनाथ
सम्मेद शिखर तीर्थ की पावन तलहटी पर अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव हो रहा है। पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत बुधवार की बेला में तब कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
पूज्य आचार्य श्री ने इस अवसर पर तब कल्याणक महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि बिना तक के ज्ञान नहीं, और ज्ञान के बिना मोक्ष संभव नहीं है।

आगे बोलते हुए कहा कि तपस्या के सहारे ही मुक्ति का मार्ग दिखाई पड़ता है।

एक उदाहरण के माध्यम से आचार्य श्री ने समझाया की जिस प्रकार सोना को आकार देने से पूर्व उसे तपाना पड़ता है,

उसी प्रकार व्यक्ति को भी तपस्या के माध्यम से अपने व्यक्तित्व को निखारने के बाद ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
