आधुनिक युग में मोबाइल पाप करने का सबसे बड़ा साधन बन गया है स्वस्तिभूषण माताजी
केशवरायपाटन
परम पूजनीय भारत गौरवगणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने मोबाइल को मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा कि। पंचम काल चल रहा है। इसमें मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन मोबाइल बनता जा रहा है।
पूज्य माताजी ने आगे कहा कि अगर जीवन में शांति चाहते हैं तो 1 घंटे से ज्यादा मोबाइल का उपयोग नहीं करें। अतिशय क्षेत्र में विराजमान पूज्य माताजी ने कहा कि पहले लोग पाप कम किया करते थे, क्योंकि पहले पाप करने की साधन कम हुआ करते थे।





आजकल पाप बहुत बढ़ता जा रहा है क्योंकि पाप करने के साधन भी बहुत बढ़ गए हैं। आधुनिक युग में मोबाइल पाप करने का सबसे बड़ा साधन बन गया है। मोबाइल हमसे क्रोध कराता है, अगर हमने महंगा फोन खरीद लिया है तो दूसरों को दिखाते हुए अभियान भी कराता है। मोबाइल मायाचारी भी कराता है, और ऑनलाइन खरीदारी के ऑफरों द्वारा लोभ भी बढ़ाता है।
पूज्य माताजी ने कहा कि इस प्रकार से हम मोबाइल से वशीभूत होकर पाप की भागी बन जाते हैं, मोबाइल पर हिंसा का आदेश देने से, हिंसा, पाप, झूठ, धोखाधड़ी, चोरी, अशलीलता सब बढ़ता जा रहा है। मनुष्य इसकी गिरफ्त में फसता जा रहा है। मोबाइल से घर के बड़े लोग तो पाप कर ही रहे हैं। साथ में बच्चे बच्ची भी पाप में डूबते जा रहे है। माताजी ने कहा कि बच्चों को पाप से बचाना चाहते हैं तो मोबाइल की दूरी बनाना बहुत जरूरी हो गया है। पूज्य माताजी ने बच्चों को शपथ दिलाते हुए कहा कि काम के अलावा 24 घंटे में मात्र 1 घंटे ही उनका उपयोग करना चाहिए।
पूज्य माताजी ने मर्यादित वस्त्रो का प्रयोग करने की बात करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष पर भी उन्होंने कटाक्ष किया और कहा कि फैशन के नाम पर बढ़ती अश्लीलता कहा कि वस्त्र हमेशा मर्यादित ही पहनना चाहिए। खासकर युवतियों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के कारण अपना पहनावा बदलता जा रहा है। रील की दुनिया, रियल दुनिया से काफी अलग होती है। इसीलिए तन की सुंदरता दिखाने की बजाए मन की सुंदरता को प्रदर्शित करें यह ज्यादा प्रभावित करती है। मंदिर हो या घर हो वस्त्र हमेशा मर्यादित ही पहनना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
