पूज्य गुरुदेव सुधा सागर महाराज का जैन धर्मशाला की छत पर किया गया भक्ति भाव के साथ पूजन
दमोह
दिगंबर संत की साधना अपने आप में अद्भुत है, इनकी साधना निष्काम साधना होती है, इनके भीतर अद्म्य साहस है। आकाश ओढ़न और धरती ही इनका बिछौना है।ऐसा ही देखा जा रहा है दमोह नगर में जहां एक नहीं तीन तीन निर्यापक मुनिराज एवं मुनि संघ विराजमान है।
ऐसे में जहां हम भारी गर्मी में कूलर एसी आदि में दुबके हुए है। पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधा सागर महाराज खुले आकाश के

बीच। तीन तीन निर्यापक मुनिराज सुधा सागर महाराज, प्रसाद सागर महाराज, वीर सागर महाराज प्रातः कालीन भक्ति कर रहे है।
संसार में अन्यत्र दिगंबर संत की साधना के आगे सब की साधना फीकी है। क्या खूब लिखा है जो भी उपमाएं देता हू, सब उपमाए फीकी, मेरी गुरुवर में आदिश्वर की छवि देखी।




आज गुरुवार की बेला में प्रातः कालीन गुरु भक्त कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई के साथ सभी ने गुरु का पूजन किया।
सुनील जैन वेजीटेरियन से प्राप्त छायाचित्र के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
