ज्ञान और क्रिया की मैत्री होंना आवश्यक है विनम्र सागर महाराज
विदिशा
मानव के शरीर में समय समय पर सात्विक ऊर्जा की उत्पत्ति होती रहती है,जो लोग उस सात्विक ऊर्जा का उपयोग कर लेते है वह अपने जीवन को धन्य कर लेते है”
यह उदगार समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री विनम्रसागर महाराज ने अरिहंत विहार में आयोजि प्रातःकालीन धर्मसभा में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तीकरण का यह सबसे बड़ा उदाहरण है कि आज बड़ी संख्या में महिलामंडल उपस्थित है।
उन्होंने आशी वैद्य को आशीर्वाद देते हुये कहा कि परिवार की महिला के श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के भाव बने और उस निमित्त से आप सभी को भगवान की भक्ती करने तथा गुरु उपदेश सुनने का सौभाग्य मिला।




उन्होंने संबोधित करते हुये कहा दिनभर टी.वी .सीरियल अनुपमा देखने से आप अनुपमा तो नहीं बन सकती लेकिन यदि आपने अपनी सात्विक ऊर्जा का उपयोग प्रभु की भक्ति और गुरु की वाणी सुनने में लगाया तो आप अपने जीवन को तथा अपने परिवार को अनुपम अवश्य बना सकती है। उन्होंने कहा कि क्रिया तो सभी करते है क्रिया यदि ज्ञान से की जाए तो वह क्रिया सार्थक हो जाती है ज्ञान और क्रिया की मैत्री होंना आवश्यक है।
उन्होंने कहा शरीर में 24 घंटे ऊर्जा की उत्पत्ति होती रहती है कभी यह ऊर्जा दूषित होती है,तो कभी यह ऊर्जा सात्विक होती है, सात्विक ऊर्जा का परिणमन समय बताते हुये मुनि श्री ने कहा सुवह सुवह जब आप सोकर उठते है तथा दैनिक क्रिआओं से निवृत साफ सुथरे बस्त्रों में तैयार रहते है उस समय आपके पास सात्विक ऊर्जा रहती है, तथा सांयकाल दिन भर के प्रपंचों से मुक्त होकर जब आप घर लौटते है और पुनः साफ सुथरे वस्त्रों के साथ अन्थऊ (सांयकालीन भोजन) आदि क्रिआओं से मुक्त होंने के बाद पुनः सात्विक ऊर्जा का प्रभाव आपके जीवन में लौटता है, यदि आपने इस सात्विक ऊर्जा का उपयोग कर लिया तो आपका जीवन अनुपम बन सकता है।उन्होंने कहा कि इन आठ दिनों तक इस पवित्रतम कार्यक्रम में विदिशा नगर की सभी माता बहनों को एवं पुरुष वर्ग को अपनी अपनी सात्विक ऊर्जा का पूरा प्रयोग करना चाहिये।
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया प्रातःकाल मुनिसंघ के सानिध्य में घटयात्रा श्री आदिनाथ जिनालय खरीफाटक रोड़ से प्रारंभ होकर श्री पारसनाथ जिनालय अरिहंत विहार पहुंची। मंगलवार से श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन 14 मई मंगलवार से लेकर 20 मई सोमवार तक यह आयोजन प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्र अविनाश भैया भोपाल के निर्देशन में तथा सह प्रतिष्ठाचार्य अनुप भैया एवं महेंद्र पंडित श्री के निर्देशन में प्रातःकाल 5:45 बजे से मंगलाष्टक के साथ प्रारंभ होगा एवं 8:30 बजे से मुनिसंघ की देशना तथा सांयकाल 7:30 बजे से मंगलआरती तदुपरांत शास्त्र सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे पुण्यार्जक परिवारश्रीमती मधुबाला, Dr आनंद जैन – श्रीमती सुमन जैन, अभय कुमार वैद्य -Dr अशी वैद्य, लक्ष्य, अक्षत, अर्हत, अवनि एवं समस्त वैद्य परिवार तथा श्री सकल दि. जैन समाज एवं श्री शीतल विहार न्यास एवं अरिहंत विहार जैन मंदिर टृस्ट ने साधर्मी बंधुओ से कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ लेंने की अपील की है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
