वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को सजल अश्रुपूरित नेत्रों से जैन समाज ने विदाई दी।
श्री महावीरजी
महावीर जी अतिशय क्षेत्र में विगत वर्षा योग आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने श्री महावीरजी में व्यतीत किया विगत 142 दिन के लंबे प्रवास में वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भगवान श्री महावीर स्वामी का महा मस्तकाभिषेक 24 वर्षों के बाद सानंद संपन्न कराया वहीं 24 फीट के नूतन खड़गासन श्री महावीर स्वामी भगवान का तथा चोबीसी भगवान तथा नवग्रह प्रतिमाओं तथा अन्य प्रतिमाओं का पंच कल्याणक आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के द्वारा सुरी मंत्र देकर प्रतिष्ठित की
आज किशनगढ़ में माह जनवरी 2023 मेंहोने वाली पंच कल्याणक प्रतिष्ठा हेतु आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 32 साधुओं सहित विहार किया।श्री गौरव पाटनी किशनगढ़ एवम् राजेश पंचौलिया इंदौर ने बताया कि

इस अवसर पर किशनगढ़ से सैकड़ों समाज जन तथा भींडर तथा अन्य नगरों की समाज ने अपने नगरों में आगमन हेतु निवेदन किया।
इसके पूर्व श्री महावीर जी में आचार्य श्री के प्रवास और चातुर्मास के दौरान पूर्ण सेवाभाव से संघ की सेवा करने वाले सेवाभावी कर्मठ गुरु भक्तो का सम्मान चातुर्मास कमेटी एवम् किशनगढ़ समाज द्वारा भावभीना स्वागत श्री के के शर्मा
चिकित्सक ,श्री रौनक जैन फागी, श्री चिन्मय इंदौर,श्री विशाल इंदौर,श्री महावीर जी पंडित जी जोबनेर ,श्री मुकेश पंडित जी, श्री सोनू जैन महावीर जी, श्री सुरेन्द्र जैन श्री अरविंद जैन , श्री संजय छाबड़ा ,श्री नवीन जैन ,श्री हरिराम पुलिस विभाग,सुरक्षा गार्ड श्री अनिल,श्री हनुमान प्रसाद,सुश्री ममता, सुश्री कृष्णा श्री दिनेश, श्री राम पाटनी श्री अक्षय रोमी जैन श्री अरूण श्री धनसिंह चौकीदारका निस्वार्थ सेवा के लिए तिलक ,माला, शाल, स्मृति चिन्ह से श्री राजकुमार सेठी, श्रीराजकुमार कोठारी, श्री नरेश पाटनी,श्री अभिषेक ,श्री संजय पापड़ी वाल श्री कैलाश पाटनी, आदि ने स्वागत किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
