41 फीट उंचा मानस्तम्भ महामस्तकाभिषेक में उमड़ा जैन सैलाबपरम्परा अनुसार निवाई शहर में भगवान महावीर की प्रभातफेरी निकाली
निवाई
सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान मे आर्यिका श्रुतमति व सुबोध मति माताजी के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय भगवान महावीर जयंती जन्म कल्याणक महोत्सव पर मानस्तम्भ महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला एवं राकेश संधी ने बताया कि महावीर जयंती महोत्सव पर प्रातःकाल की बेला में सर्वप्रथम विमल सोगानी राकेश संधी प्रकाश बढ़ेरा विमल जौंला संजय बढ़ेरा अजीत काला एवं पोलू गोधा द्वारा भगवान महावीर स्वामी की प्रभातफेरी निकाली गई जो नसिंया जैन मंदिर से चोहटी बाजार बिलाला चोक सब्जी मंडी कायस्थ मोहल्ला वैयरहाउस बस स्टैंड अहिंसा सर्किल होते हुए पार्श्वनाथ उधान जैन नसिंया पहुंची प्रभातफेरी में श्रद्धालुओं ने “आज क्या हें जन्म कल्याणक”।

“किनका,”भगवान महावीर स्वामी का” “भगवान महावीर कोन थे अहिंसा के अवतार थे” “भगवान महावीर का अमर संदेश जीवों और जीने दो” आदि अनेक नारो से सम्पूर्ण वातावरण महावीरमय हो गया इसके बाद वहां पर भगवान महावीर स्वामी के जिनाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। 





जौंला ने बताया कि सन्त निवास नसिंया जैन मंदिर में मयुर एण्ड पार्टी सागर ने नवीन साज सज्जा के द्वारा भगवान महावीर का दरबार लगाया गया जिसमें अनेक पात्रों का चयन किया गया लधु नाटिका मंचन में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक दिखाया गया जिसमें त्रिशला माता के 16 स्वप्न दिखाए गए इस दौरान 32 मुकुटबद्ध राजाओं द्वारा भेंट वार्ता करके इन्द्र सभा लगाई गई।

हितेश छाबड़ा ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सोधर्म इन्द्र का आसन कम्पायमान होना एवं चतुर्थ काल जैसी पंचमकाल में रविवार को अष्ट कुमारियों द्वारा त्रिशला माता की सेवा करना एवं लधु नाटिका मंचन में सामूहिक नृत्य दिखाया।
विमल जौंला राकेश संधी एवं हितेश छाबड़ा ने बताया कि महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में मुख्य अतिथि विधायक रामसहाय वर्मा, एवं कृषि मण्डी सचिव के के सिंह थे। इस दौरान विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि भगवान महावीर सत्य अहिंसा, जन जन के आराध्य, वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर विश्व शांति के दूत थे जिन्होंने जब से लेकर अब तक इस धरा पर प्राणी मात्र को सत्य का अनुसरण करवाया। उन्होंने कहा कि अणुबमो से नहीं अणुव्रतों के धारण करने से विश्व में शांति संभव है इसलिए भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। विमल जौंला हितेश छाबड़ा एवं राकेश संधी ने बताया कि अतिथियों का जैन समाज द्वारा स्वागत सम्मान किया। उन्होंने बताया कि महोत्सव के चलते श्रद्धालुओं ने मानस्तम्भ के चारों ओर विराजमान जिन प्रतिमाओ के संगीतमय पंचामृत महामस्तकाभिषेक किया एवं पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने श्री जी की शांतिधारा की।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
