*गुरुभक्त शांतिलाल सुशील जैन ने पूज्य विज्ञाश्री माताजी की आहारचर्या निर्विघ्न सम्पन्न कराई*
प. पू. भारत गौरव, गणिनी आर्यिका 105 गुरुमाँ विज्ञाश्री माताजी संसंघ का मंगल विहार श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर विवेक विहार जयपुर से नन्दपुरी मार्केट हवासड़क की ओर गुरुभक्त शांतिलाल सुशील जैन के ऑफिस में हुआ। बैण्ड-बाजों के साथ नन्दपुरी जैन समाज, सिविल लाईन के समाज के अध्यक्ष, महिला मण्डल के
एवं अनेकों भक्तों ने आर्यिका संघ की आगवानी की। मंगल विहार में जीर्णोद्धार कमेटी के अध्यक्ष धर्मचंद पहाडिया एवं गुरूभक्त कंवरपाल जैन शामिल थे।




पूज्य आर्यिका श्री ने धर्मोपदेश देते हुए कहा कि- मनुष्य जीवन का सार धर्म है । धर्म ही मानव को उत्कृष्टता की ओर ले जाता है। इस स्वार्थी युग में मानव दया, करुणा को भूलता ही जा रहा है। धर्म की प्रथम सीढ़ी दया से ही शुरू होती है।
तत्पश्चात भक्तों ने मिलकर आर्यिका संघ की निर्विघ्न आहारचर्या कराने का सौभाग्य प्राप्त किया। आर्यिका संघ की दिनचर्या में सामायिक, स्वाध्याय, प्रतिक्रमण, गुरु वंदना, आनंदयात्रा, आरती का समावेश है।
कल 12 अप्रैल 2024 को सिविल लाईन जैन मंदिर में पूज्य माताजी के सान्निध्य में अभिषेक, शांतिधारा एवं प्रवचनों का लाभ प्राप्त होगा।
