विज्ञाश्री माताजी धर्मप्रभावना

धर्म

भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर विमल परिसर बीलवा जयपुर में बढ़ा रही है धर्म की भव्य प्रभावना

जो अंधकार के आराधक हैं वे रातरानी के फूलों की तरह रात में खिलते हैं और सुबह सूर्य को देखते ही मुरझा जाते हैं ,एवं जो प्रकाश के पुजारी हैं वे सूर्यमुखी की तरह सूर्यदय के साथ ही खिलते हैं और सूर्य के साथ मुरझा जाते हैंआर्यिका विज्ञा श्री

जयपुर/

भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी जयपुर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर विमल परिसर बीलवा में ‌ धर्म की भव्य प्रभावना बढ़ा रही है , जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज जिनालय में प्रातः श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा ,एवं अष्टद्रव्यों से पूजा के बाद श्री शांतिनाथ विधान मंडल की भव्य पूजा हुई,आज10 फरवरी को शांतिनाथ महा मंडल विधान के पुण्यार्जक परिवार प्रकाश जी छाबड़ा,एस. के. अजमेरा कमल कुमार जैन, मालवीय, नगर जयपुर एवं त्रिलोकचन्द जी कलेड़ा वाले मालपुरा थे। गुरु मां ने दिया सभी पुण्यार्जकों को भव्य शुभाशीष दिया,गोधा ने बताया की परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 विज्ञाश्री माताजी जो विश्व में जैन साध्वी के नाम से प्रसिद्ध है जिनकी जिव्हा पर साक्षात सरस्वती विराजमान है ऐसी गुरु मां के प्रवचन सुनने को आतुर जन समुदाय को बहुत ही अच्छा संदेश दिया *उन्होंने कहा कि* संसार में अनेक प्रकार के लोग हैं कोई अंधकार के आराधक है ‌तो ,कोई प्रकाश के पुजारी है ,जो अंधकार के आराधक है ‌वे उल्लुओं ‌की तरह सूर्य को देखकर गिड़गिड़ाते है, और जो प्रकाश के पुजारी है वे सूर्य के स्वागत में चिड़िया की तरह चहच होते हैं ,जो अंधकार के आराधक है वे रात रानी के फूलों की तरह रात में खिलते हैं ओर सुबह सूर्य को देखते ही मुरझा जाते हैं एवं जो प्रकाश के पुजारी है वे सूर्य मुखी की तरह सुयौदय के साथ ही खिलते हैं और सूर्यास्त के साथ मुरझा जाते हैं |इसी कार्यक्रम में आज प्रसिद्ध वास्तुविद शास्त्री श्री विनोद कुमार शास्त्री, एवं शाबाश इंडिया पत्रिका के प्रबंधक राकेश- समता गोदिका ने आर्यिका श्री के दर्शन कर भव्य मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों मंगलमय मय आर्शीवाद दिया।

U

राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *