भूतकाल सपना है और भविष्य कल्पना है, वर्तमान समय में हमें अच्छे कार्य करना चाहिए अपूर्व सागर महाराज

धर्म

भूतकाल सपना है और भविष्य कल्पना है, वर्तमान समय में हमें अच्छे कार्य करना चाहिए अपूर्व सागर महाराज
धरियावद
परम पूज्य आचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री 108 अपूर्वसागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया।

 

 

चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बोलते हुए महाराज श्री ने जीवन को सुधारने की विषय पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि जीवन को सुधारने के लिए आज का दिन ही सर्वश्रेष्ठ है। भूतकाल सपना है, भविष्य केवल कल्पना है। इसमें दो चीज हमें कभी प्राप्त नहीं होती है। भूतकाल में समय बीत जाता है, भविष्य में क्या होगा उसका पता नहीं। इसलिए वर्तमान समय में हमें अच्छे कार्य करना चाहिए। कमान से निकला हुआ तीर, जुबान से निकला हुआ शब्द, बीती हुई जिंदगी कभी लौटकर नहीं आती। इसीलिए हमें प्रतिदिन देव शास्त्र गुरु का समागम करना चाहिए।

 

 

प्रतिपल समय व्यर्थ जा रहा है, आजकल सभी मानव मांगलिक कार्य करने के लिए रविवार का दिन ही चुनते है, जन्म लेते हुए बालक के लिए भी रविवार का दिन देखते हैं।

 

 

 

 

लेकिन किसी की भी मृत्यु की तारीख का पता नहीं है। मृत्यु कभी भी आ सकती है। आज जीवन है उसे अच्छा बना सकते हैं। कल जीवन नहीं होगा कुछ कार्य करने के लिए। महाराज श्री ने धरियावद को संतों की नगरी के साथ धर्म नगरी बताया।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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