भगवान मल्लिनाथ जी के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर चढ़ाया निर्वाण लड्डू सब्र व सहनशीलता कमजोरी नहीं : आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी में विराजमान अतिशयकारी श्री शांतिनाथ भगवान के चरण कमल में गणिनी आर्यिका गुरु मां विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में भगवान मल्लिनाथ जी का निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया गया जिसमें आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के
मुखारविंद से होने वाली अभिषेक शान्तिधारा का अवसर शैलेन्द्र संधी हितेश छाबड़ा विमल पाटनी जौला महेश मोठूका निवाई वालों ने प्राप्त किया।
इस दौरान गुरुवार को मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में हितेश छाबड़ा शैलेंद्र जैन महेश मोठूका एवं विमल जौंला निवाई ने पूज्य गुरु माँ का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। 
इस अवसर पर भगवान शांतिनाथ जी नेमीनाथ जी के साथ भगवान मल्लिनाथ जी के विशेष अभिषेक शांतिधारा करके पूजा अर्चना की इसके बाद भगवान मल्लिनाथ जी का निर्वाण कल्याणक महोत्सव पर श्रद्धालुओं ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया।





इस दौरान पूज्य विज्ञा श्री माताजी ससंघ की निर्विघ्न आहारचर्या जैन सोशल ग्रुप प्रज्ञा निवाई द्वारा सम्पन्न करवाई गई। इस अवसर पर माताजी ने सभी को सहनशक्ति बढ़ाने व क्रोध शांत करने के लिए उद्बोधन देते हुए कहा कि – गुस्सा पलभर में सबकुछ बर्बाद कर देता है। गुस्से को काबू कर लिया जाए तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है। क्रोध में सहनशीलता खत्म हो जाती है, सहनशीलता के बिना हम सही-गलत का भेद नहीं कर पाते हैं, इसी वजह से परेशानियां बढ़ जाती हैं। माताजी ने कहा कि अपने खिलाफ होने वाली बातों को खामोशी से सुन लेना तो यकीन मानना वक्त उसका बेहतरीन जवाब देगा । क्योंकि सब्र व सहनशीलता कोई कमजोरी नहीं होती है । ये तो अंदरूनी ताकत होती है जो सब में नहीं होती।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
