*हौसले बुलंद कर बढ़ो आगे :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
गुंसी
मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। यह बात पूज्य गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ , गुंसी (राज.) के श्री शांतिनाथ चैत्यालय में धर्म सभा को उपदेशित करते हुए कहा । आगे उन्होंने कहा कि जीवन में यदि कुछ करना है तो हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दो आपको आपका मुकाम मिल जाएगा, पहले बढ़कर अकेले हमको पहल कर देखना होगा तब काफिला खुद बन जाएगा।
सफलता तक पहुंचने के लिए असफलता के रोड से गुजरना ही पड़ेगा। पूज्य माताजी के मुखारविंद से अभिषेक शांतिधारा करने का सौभाग्य भक्तगणों ने प्राप्त किया 
माताजी ससंघ की निर्विघ्न आहारचर्या करवाने का सौभाग्य सारिका जैन ,
प्रियांशी जैन जबलपुर एवं व्रती आश्रम के व्रतियों को मिला ।


पूज्य माताजी ने उपवास करके अपनी चर्या को उत्कृष्टता की सीमा पर ले जाते हुए समता पूर्वक धर्म को आराधना की ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
