अमरकंटक में विश्व शांति महायज्ञ के साथ कलशारोहण समारोह सम्पन्न

धर्म

अमरकंटक में विश्व शांति महायज्ञ के साथ कलशारोहण समारोह सम्पन्नआचार्य श्री ने चालीस साल पहले की परिकल्पना हुईं पूरी–निर्यापक श्रमण मुनि श्री योगसागरजी महाराज
अमरकंटक-

वर्षो पूर्व आचार्य श्री शिखर जी जाते हुए जब अमरकंटक आये तो कोतमा समाज ने वगेलखडं में कोई तीर्थ ना होने की बात कही तो आचार्य श्री ने इस भूमि पर सन दो हज़ार मे अमरकंटक चातुर्मास किया सर्वोदय तीर्थ अमरकंटक का कार्य प्रारंभ किया।

 

 

इस जिनालय में अष्ट धातु से निर्मित सताइस टन की प्रतिमा को तीन टन के कमल पर विराजमान किया गया और दो हजार तैइस में आचार्य महाराज इस प्रतिमा को सूरी मंत्र दिया और शुक्रवार को कलशारोहण के साथ ये कार्य पूर्णता को प्राप्त हो रहा है यह भाव निर्यापक श्रमण मुनि श्री योगसागरजी महाराज ने व्यक्त किए।

उन्होने कहा इस अवसर पर निर्यापक श्रमण मुनि श्री योगसागरजी महाराज ने कहा वगेलखडं में पहले तीर्थ पर सहस्त्र कूट जिनालय का निर्माण किया और इस भूमि पर विशाल पाषाण के मन्दिर का निर्माण पवित्र नदी नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में किया गया।

 

 

शिखर कलशारोहण समारोह में मुख्य कलश चढ़ाने का सौभाग्य विनोद कुमार प्रमोद कुमार कोयला परिवार को वहीं शिखर कलश डॉ सम्भू कुमार मनीष कुमार रजनीश कुमार वूडार तृतीय कलश ताराचंद धर्मेश कुमार संजय कुमार पैड़ारोड देवेन्द्र कुमार अभिजीत कुमार अमर कंटक

 

 


विनित कुमार नीरज कुमार पेंड्रा रोड मिठनकुमार मनीष कुमार पूना सहित अन्य भक्तों को प्राप्त हुआ।
विश्व शांति महायज्ञ में सवा लाख मंत्र से आहुतियां समर्पित
श्री मन्दिर कलशारोहण समारोह एवं विश्व शांति महायज्ञ के शुभारंभ में जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा मुख्य पात्रो दारा की गई इसके बाद प्रतिष्ठा चार्य विनय भ इया एवं नितिन भ इया के मंत्रोच्चार के साथ सुरेन्द्र मंत्रों रक्षा मंत्रों एवं विश्व शांति महामंत्र की आहुतियां तीर्थंकर कुंड अरिहंत कुंड ए एवं सामान्य केवली कुंड में मुख्य पात्रों द्वारा आहूतिया समर्पित की गई इस दौरान सर्वोदय तीर्थ के मूल नायक भगवान आदिनाथ स्वामी के चरणों में अर्घो का समर्पण किया गया। 

आचार्य श्री के साथ हमें शिलान्यास का मौका मिला पूज्य सागर महाराज।

इस दौरान सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने कहा कि हम यहां आचार्य श्री के साथ आये शिलान्यास के समय भी मौका मिला प्रतिष्ठा के साथ हम महाराष्ट्र में थे और अब बड़े महाराज के साथ कलशारोहण समारोह में मौजूद हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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