पूज्य मुनि श्री विनीत सागर महाराज संघ सानिध्य में 22 वर्षीय धर्म निष्ठ णमोकार जैन की हुई समाधि
नागपुर
आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज परम भक्त पुसद निवासी मालती जैन दो प्रतिमा धारी है। जिनके 21 वर्षीय पुत्र नमोकर जैन को ब्लड कैंसर था
णमोकार का इलाज नागपुर में जामठा कैंसर हॉस्पिटल में चल रहा था।

दीपक जैन नागपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि णमोकार जैन बहुत धार्मिक प्रवृत्ति का था।योगसागर जी महाराज सागर महाराज आदि समस्त संघ का विहार में सक्रियता से सलग्न में रहता था। 1 महीने से वह काफी अस्वस्थ रहा।
णमोकार जैन के जीवन धर्म एवं साधु संतों की सेवा में समर्पित था धार्मिक प्रवृत्ति होने केकारण यह पुण्य उदय था कि संतों के सानिध्य में एवं समस्त प्रकार के आहार का त्याग करने के उपरांत णमोकार जैन का समाधी मरण पूज्य मुनिश्री108 विनीत सागर जी महाराज एवं पूज्य मुनिश्री 108अतुलसागर जी महाराज सानिध्य में हुआ।
जीवन के अंतिम समय में णमोकार मंत्र का स्मरण णमोकार के जीवन में रहा। पूज्य मुनिसंघ के सानिध्य में जीवन का अंतिम पायदान पाया निश्चित रूप से यह उत्कृष्ट समाधि मरण कहा जाता है। सभी को यह भावना भानी चाहिए दिन-रात मेरे स्वामी में यह भावना यह भावना मैं देहांत के समय में तुमको ना भूल पाऊं।
होवे समाधि पुरी मैं भावना यह भाऊ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
