सर्वोंतोभद्र महामंडल विधान का अर्थ है सर्वत्र सुख शांति हो पवित्र मति माताजी

धर्म

सर्वोंतोभद्र महामंडल विधान का अर्थ है सर्वत्र सुख शांति हो पवित्र मति माताजी
नौगामा सर्वतोभद्र विधान के दूसरे दिन विधान के अर्घ्य चढ़ाए गए परम पूजनीय आर्यिका 105पवित्रमति माताजी के सानिध्य में आज आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवशरण जी में विशेष शांतिधारा अभिषेक के बाद सर्वतोभद्र पंडाल में माताजी के सानिध्य में ब्रह्मचारी अनिल भैया इंदौर विधानाचार्य रमेश गांधी के दिशा निर्देशन में श्रीजी का अभिषेक शांति धारा की गई प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य पिंडारमिया प्रदीप कुमार रतनलाल पंचौरी धनपाल वर्धमान हॉस्पिटल परिवार बांसवाड़ा को प्राप्त हुआ ।अभिषेक के पश्चात विधान के अर्घ्य गीतकार राजेश के मधुर स्वर लहरों के साथ बड़े भक्ति भाव से महिला एवं पुरुषों ने गरबा नृत्य करते हुए अर्घ्य चढ़ाए।इस अवसर पर माताजी का मंगल प्रवचन हुआ माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि सर्वतोभद्र विधान का अर्थ है सर्वत्र सुख शांति हो प्रत्येक जीव सुख शांति चाहता है और सुख शांति के लिए हमें धर्म की क्रिया करनी चाहिए, विधान में बाहर से पधारे हुए धर्म प्रेमी बंधुओ का चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन उपाध्यक्ष राजेंद्र गांधी नरेश जैन प्रदीप जैन ने दुपट्टा उड़ा कर पगड़ी पहना कर स्वागत किया साथ ही सोधर्म इंद्र कैलाश पिंडरमिया, भरत चक्रवर्ती सुभाष नानावटी संगीतकार राजेश जैन का भी बहुमान किया गया दोपहर में अष्टनिका महापर्व के उपलक्ष्य में माताजी के सानिध्य में आदिनाथ मंदिर जी मे नंदीश्वर विधान के अर्घ्य चढ़ाए गए महाआरती करने का सौभाग्य दोसी मनीष कुमार जयंतीलाल को प्राप्त हुआ इस अवसर पर मनीष जैन के घर से बैंड बाजो घोड़ा बग्गी के साथ विशाल शोभायात्रा गरबा नृत्य करते हुए पंडाल पहुंची जहां पर श्रीजी की महाआरती की गई रात्रि में अनिल भैया के प्रवचन के बाद प्रश्न मंच एवं जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम किए गएसमाज प्रवक्ता सुरेशचंद्र गांधी से प्राप्त जानकारीसंकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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