आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का श्री दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य एवं ऐतिहासिक हुआ मंगल प्रवेश,शोभा यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु, गुरुदेव के जयकारों से गूंजा नगर

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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का श्री दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य एवं ऐतिहासिक हुआ मंगल प्रवेश,शोभा यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु, गुरुदेव के जयकारों से गूंजा नगर

पारसोला देवशास्त्र गुरु हमारे आराध्य है उनके प्रति भक्ति और श्रद्धा सम्यक होने पर गुरु भक्ति करते हुए आप मनुष्य जीवन को सार्थक कर सकते हैं क्योंकि संसार में अनेक भवों में भ्रमण करते हुए मात्र मनुष्य गति ही ऐसी है जहां आप संयम धारण कर संसार परिभ्रमण से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म प्राण नगरी पारसोला में 20 वर्षो के बाद पांचवी बार मंगल प्रवेश के अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रकट की।ब्रह्मचारी गज्जू भैय्या,राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि मुनि वीर सागर जी ने समवशरण की प्रतिकृति रचना की प्रेरणा दी। पारसोला समाज ने गुरु भक्ति पूर्वक उनके वचनों का नियम बध्य होकर पालन किया। आगामी दिनों में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्रारंभ होगी भगवान पारसनाथ के जीव पर भी अनेक भवों तक उनके ही भाई कमठ ने उपसर्ग किया जिसे उन्होंने बहुत धैर्य धारण कर उपसर्ग और दुख को सहन किया ।वर्तमान समय में भी भाई-भाई का बेर होता है क्रोध ,गुस्सा आना सामान्य बात है किंतु जब क्रोध या गुस्सा बैर में परिवर्तित हो जाता है तब वह पीड़ा देता है ।पारसोला समाज ने भी गुरु पर श्रद्धा रख काफी वर्षों तक इंतजार किया इंतजार का फल मीठा होता है इसी कारण आपको वर्षों की प्रतिष्ठा के बाद संत समागम का अवसर मिला हैपारसोला शब्द की व्याख्या में बताया कि संसार से पार होने का प्रयास करे। आचार्य श्री आगवानी दिगंबर जैन समाज एवम पंच कल्याणक प्रतिष्ठा समिति के प्रमुख पात्रों पदाधिकारियों ने की आचार्य श्री संघ की शोभायात्रा
साबला रोड,चामुंडा माताजी ,सदर बाजार, पुराना बस स्टैंड ,स्वामी विवेकानंद चौक होते हुए श्यामा वाटिका पहुँचे। समाज के जयघोष बैंड के साथ बैंड बाजों की मधुर धुनों पर नाचते गाते श्रद्धालुओं ने भक्तिरस बरसाते हुए आगामी 4 मार्च से 8 मार्च 2024 तक होने वाले श्री पार्श्वनाथ जिन बिंब प्रतिष्ठा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में मिलेगा आचार्य श्री ससंघ का पावन सानिध्य परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणि 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश श्यामा वाटिका स्थित वर्धमान सभागार में भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ । शोभायात्रा में हजारों समाज जन, मेवाड़ वागड़ के साथ ही देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओ आगवानी की। आचार्य श्री ससंघ के मंगल प्रवेश की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ शताधिक मंगल कलश शोभा यात्रा से हुआ जो विभिन्न मार्गों से होती हूई स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में प्रवेश हुआ। शोभा यात्रा के मार्ग में आचार्य श्री के फ्लेक्स कट आउट स्वागत द्वार लगाए गए। उल्लेखनीय है की सामाजिक सदभाव का परिचय देते हुए जैन समाज के अतिरिक्त सभी समाज द्वारा शताधिक स्वागत द्वारों पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री पर पुष्प वर्षा कर उनका वंदन किया। उनकी आरती की एवं नमोस्तु गुरुदेव नमोस्तु गुरुदेव आचार्य शिरोमणी श्री वर्धमान सागर के जयकारे लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया । इसके पूर्व वर्ष 1990,सन 1997,2002, तथा सन 2004 में गुरुदेव का प्रवेश हुआ था। 
सकल दिगंबर दशा हूमड समाज एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के तत्वाधान में तथा सकल दिगंबर जैन समाज के सहयोग से आयोजित 4 मार्च से 8 मार्च तक पांच दिवसीय श्री पार्श्व नाथ जिन बिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का मंगल कार्य संपादित करवाने हेतु आचार्य श्री का मंगल प्रवेश हुआ है । जयंती लाल कोठरी,महावीर,प्रकाश चंद ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ मैं पावन सानिध्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ का सानिध्य रहेगा। कार्यक्रम में मेवाड़ वागड़ सहित देश के विभिन्न प्रांतों से समाज जन पहुंचें। संगीतमयी मंगलाचरण पर भक्ति नृत्य का प्रस्तुति स्थानीय कलाकारों बालिकाओं ने किया, इसके बाद चित्र अनावरण सोधर्म इंद्र राजमल सरैया ने ,कुबेर इंद्र दिलीप पचौरी ने दीप प्रज्वलन किया , शास्त्र भेंट ऋषभ पचौरी ने , आचार्य श्री वर्धमान सागर जी गुरूदेव के पाद प्रक्षालन शिखर चंद विनोद सक्षम रीना ने किया कार्यक्रम संचालन पंडित कीर्ति जैन ने किया ।कार्यक्रम को संहिता सूरी हंसमुख शास्त्री ने संबोधित किया।समाज द्वारा पंडित हंसमुख शास्त्री ,ब्रह्मचारी गज्जू भैया ,परमीत,शिखर चंद जैन ऋषभ पचौरी का स्वागत किया। 
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी।

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