सागर की बूंद बूंद में समाए सुधासागर जी श्रीश जैन ललितपुर की कलम से
आज बांदकपुर में बड़ा ही विहंगम दृश्य था सागर जैन समाज के सभी जिनमंदिर प्रबंधक अध्य्क्ष मंत्री व पंचायत सभा के प्रतिनिधियों ने निर्यापक श्रमण श्री सुधासागर जी महाराज के सागर पहुचने की विनय की ओर श्री फल भेंट किया,,, उन्होंने कहा कि सागर सिर्फ सुधासागर की राह देख रहा हैं वे चाहते हैं कि ग्रीष्म कालीन वाचना से शुरू होने वाला सत्र चातुर्मास के निस्थापण की क्रियाओं तक चलता रहे,, वे सुधामृत के प्यासे हैं और इस बार उनकी इच्छा हैं कि सुधामृत का छक कर पान किया जाए।
मुनि श्री को निवेदन करते सभी श्रेष्टी पूज्यवर के सागर पधारने की विनय करते रहें और पूज्यवर ने उन्हें संघ की नियमानुसार आगमन की बात कहते हुए आशीर्वाद दिया ,, पूज्यवर के अनुसार जिस प्रकार पूर्व में भी समस्त संघ अनियत विहारी था आज भी उसी परम्परा का संवाहक रहते हुए विहार करता हैं फिर भी सागर वालो की विनती स्वीकार हैं और समयानुसार उचित मार्गदर्शन, निर्देशन व सानिध्य मिलेगा।




पूर्व में जब पूज्यवर का मंगल प्रवेश कुंडलपुर में होना था तब नवयुवक सभा व शिविरार्थी संघ ने 41 बसों के माध्यम से प्रभावना बढ़ाई थी और पूज्यवर से सागर पहुचने की विनय भी की थी और गुरुदेव ने उनसे यथायोग्य समय आने की बात की थी आज जब समस्त पंचायत और प्रतिनिधि मंडल गुरुदेव के समक्ष प्रार्थना कर रहा था तो ऐसा लग रहा हैं कि शीघ्र की सागर को सुधासागर की प्राप्ति होने वाली हैं।
पूज्यवर का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे इसी मंगल भावना के साथ
श्रीश ललितपुर प्राप्त आलेख
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
