आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की जयजयकार करते हुए दीपक का प्रकाश करते हुए रैली निकाली एवम विनयांजलि दी

आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की जयजयकार करते हुए दीपक का प्रकाश करते हुए रैली निकाली एवम विनयांजलि दी
रामगंजमंडी
विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को रविवार की बेला मे सम्पूर्ण विश्व ने विनयांजलि दी इसी क्रम मे रामगंजमंडी नगर मे भी दी गयी । जैन दर्शन मे मृत्यु को महोत्सव माना गया । सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण होना उत्कृष्ट मरण माना गया है । रविवार की संध्या बेला मे सकल जैन समाज ने हाथो मे दीपक लेकर शांति जयघोष की ध्वनि के बीच रैली निकाली । सभी  आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की जयघोष कर रहे थे जैसे जब तक सूरज चाँद रहेगा विद्यासागर नाम रहेगा, माँ का बेटा केसा हो विद्यासागर जेसा हो आदि जयघोषों से रामगंजमंडी नगर गूंज रहा था ।   

यह रैली शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से परिक्रमा करते हुए वापिस शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर आई जो विनयांजलि सभा मे परिवर्तित हो गई । सर्वप्रथम आचार्य श्री के चित्र के समक्ष्य दिलीप कुमार विनायका अध्यक्ष सरक्षक अजित कुमार सेठी उपाध्यक्ष चेतन बागडिया आदिनाथ जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ अध्यक्ष रामगंजमंडी राजकुमार पारख सुरेशकुमार बाबरिया आदि ने दीप प्रज्वलित कर विनयांजलि सभा की शुरुआत की

 

 

 

 

 

 

इस सभा मे रीना दीदी ने आचार्य श्री से जुडे संस्मरण को बताया

और उन्होने जो व्रत लिए उसके बारे मे बताया श्रीमान राजकुमार पारख ने भी अपने भाव प्रकट करते हुए कहा की आचार्य श्री ने 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक के सदलगा ग्राम मे जन्म लिया और 30 जून 1968 को राजस्थान के अजमेर मे आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज से मुनि दीक्षा ली 1972 मे आचार्य पद पर आसीन हुए उन्होने कहा आचार्य श्री ने दूध दही घी सूखे मेवा आदि का त्याग कर रसनाइन्द्रिय पर नियंत्रण किया वो वास्तव मे पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है उनके द्वारा लिखी गयी मूकमाटी महाकाव्य पर 56 पीएचडी हो चुकी है जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे भी अंकित है उन्होने कहा आचार्य श्री सभी के लिए आदर्श है आचार्य श्री ने हिंदी संस्कृत कन्नड़ भाषा मे महारथ हासिल की थी ऐसे महासंत को शब्दों के माध्यम से श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती हम सभी आचार्य श्री के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करे यही उन्हे सच्ची श्रद्धांजलि होगी

 

 

 

इसअवसर पर श्री दिलीप विनायका ने आचार्य श्री से जुडे विषय प्रकाश डाला अभिषेक जैन लुहाडिया ने कुंद कुंद से दिगम्बर ज्ञान समुन्दर होय विद्यासागर वसुंधरा पर मेरे गुरुवर होय काव्य रचना को सुनाया महिलामंडल अध्यक्ष शोभना सावला ने कहा आचार्य श्री के बारे मे कुछ कहना सूरज को दीपक दिखाने जेसा होगा वे 21 वी सदी के महासंत थे हम आचार्य श्री के बताए हुए मार्ग पर चल सके यही सच्चे अर्थो मे उनके प्रति हमारी विनयांजलि होगी उन्हे जितनी उपाधि दी जाए कम होगी इस अवसर पर आचार्य श्री के विषय मे सवा घंटे की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बड़ी स्क्रीन पर दिखाई गयी जिसमे सिद्धार्थ बाबरिया प्रदीप शाह का सहयोग रहा सभा का सञ्चालन राजकुमार गंगवाल एवम प्रशांत आचार्य ने किया अंत मे नो बार नमोकर मंत्र करते हुए सभा का समापन किया गया
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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