पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में नवीन वेदिका पर भगवान मुनिसुव्रतनाथ को किया गया विराजमान मनुष्य गलती करके भी गलती को स्वीकार नहीं करता मुनि श्री आदित्य सागर महाराज

धर्म

पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में नवीन वेदिका पर भगवान मुनिसुव्रतनाथ को किया गया विराजमान मनुष्य गलती करके भी गलती को स्वीकार नहीं करता मुनि श्री आदित्य सागर महाराज
कोटा
सोगारिया दिगंबर जैन मंदिर में श्रुत संवेगी पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज सानिध्य में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार को संपन्न हो गया। उन्हीं के सानिध्य में नवीन वेदिका पर भगवान मुनिसुव्रतनाथ को विराजमान किया गया। यह प्रतिमा लगभग 600 वर्ष प्राचीन है और मंदिर का निर्माण लगभग 6 परिवारों ने कराया है।

 

 

इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि इस दुनिया में मनुष्य एक प्राणी है जो सर्वगुण संपन्न है, लेकिन वह उन गुणों के बारे अनभिज्ञ रहता है। मनुष्य गलती करके भी गलती स्वीकार नहीं करता है।

 

 

मनुष्य को जानवर से सीखना चाहिए, जैसे जानवर अपने काम में 100% देता है वैसे ही मनुष्य को भी अपने काम में 100% देना चाहिए।
पूज्य मुनिश्री का संघ सहित संध्या की बेला में रिद्धि सिद्धि नगर जैन मंदिर में मंगल आगमन हुआ आगामी दिनों में पूज्य महाराज श्री का कोटा की उपनगरीय कॉलोनी में प्रवास रहेगा।

यह रहेगा कार्यक्रम
महाराज श्री का 23 एवं 24 फरवरी को रिद्धि सिद्धि नगर जैन मंदिर, 25 26 फरवरी विज्ञान नगर जैन मंदिर, 27 28 फरवरी तलवंडी जैन मंदिर, 29 फरवरी 1 मार्च महावीर नगर सेकंड जैन मंदिर, 2 मार्च से 5 मार्च तक बसंत विहार जैन मंदिर, एवं 6 मार्च को आरके पुरम दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *