13 दिसंबर ” विश्व उपवास दिवस घोषित हो” सरकार स्वीकार करे ..जैन संत अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरहर मास – एक उपवास के उद्देश्य सेभारत मंडपम दिल्ली में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जनमंगल सम्मेलन
सोनकच्छ:– नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतर्मना धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास तथा पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में 12 एवं 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने जा रहा है। *द्वि-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जनमंगल सम्मेलन* में प.पू. साधना महोदधि *अंतर्मना आचार्यश्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज एवं विश्वविख्यात योगऋषि परमपूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज* के पावन सान्निध्य में यह विश्व स्तरीय आयोजन बनेगा। जहाँ आध्यात्मिक अनुभूतियों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्भुत संगम जो स्वस्थ, संतुलित और सचेत जीवन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि ” हर मास – एक उपवास ” की भावना व भारतीय संस्कृति में योग ,त्याग ,तपस्या, तप व ध्यान के प्रति विश्व को जाग्रत करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति तप ,त्याग, योग, ध्यान की संस्कृति है इस हेतु गुरुदेव अपने जीवन में 4 हजार से अधिक उपवास कर चुके है। जहां उन्होंने 557 दिन की महा साधना कर उपवास शिरोमणि का दर्जा भी प्राप्त किया है। इसी भारतीय संस्कृति को जन– जन की संस्कृति के साथ विश्व संस्कृति बनाने के उद्देश्य से . *दिनांक 13 दिसंबर की ” विश्व उपवास दिवस ” वल्ड फास्टिंग डे के रूप में सरकार घोषित करे।* ताकि सालभर में एक बार एक साथ पूरा विश्व भारत की इस उपवास की गाथा का हिस्सा बने व जीवन में उपवास करने से होने वाले फायदे जान सके। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद रोमिल पाटणी सोनकच्छ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

