सहस्रकूट विज्ञातीर्थ पर गणाचार्य विरागसागर जी का 45 वाँ क्षुल्लक दीक्षा दिवस मनाया गया
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज.) के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के ससंघ सान्निध्य में गणाचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज का 45 वाँ क्षुल्लक दीक्षा दिवस मनाया गया। श्री शांतिनाथ चैत्यालय में ज्ञानचंद मुन्नी भाणजा निवाई एवं संजय शशि सौगानी निवाई वालों ने शादी की सालगिरह के उपलक्ष्य में शांतिधारा कराने का सौभाग्य प्राप्त किया। तत्पश्चात् गणाचार्य गुरुदेव के चरणों में अष्ट द्रव्य मय अर्घ्य समर्पित किया ।
संयम का महत्व बताते हुए पूज्य माताजी ने संबोधन देते हुए कहा कि – दीक्षा लेने का नाम शिक्षा है, शिक्षा लेने का नाम समीक्षा है।








समीक्षा का नाम स्व-परिक्षा है, स्व परिक्षा का नाम आत्म – साधना है। संयम के मार्ग पर बढ़े बिना मोक्ष रूपी मंजिल को नहीं पाया जा सकता। जीवन को में जिन्होंने संयम को धारा उन्हीं की पूजा आज सारा विश्व कर रहा है।आगामी 25 फरवरी 2024 रविवार को पूज्य गुरुमाँ का 30 वाँ संयम महोत्सव मनाया जायेगा। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
