आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का हुआ मंगल प्रवेश टोडा में हुआ

धर्म

आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का हुआ मंगल प्रवेश टोडा में हुआ टोडा सलूंबर तेरी छत्र छाया भगवन मेरे सिर पर हो,मेरा अंतिम मरण समाधि तेरे दर पर हो।इन धार्मिक पंक्तियो को बिरले पुण्यशाली भव्य जीव जीवन में चरितार्थ करते हैं शास्त्रों में सल्लेखना समाधि की प्रक्रिया बताई गई है। शास्त्रों में वर्णन है कि जीवन को कैसे जिया जाए ,सल्लेखना समाधि धर्म का आचरण कर जीवन को सार्थक करने का उपक्रम है। शरीर के माध्यम से व्रत संयम किए जाते हैं शरीर जब तप और संयम में बाधा उत्पन्न करता है ,कमजोरी आती है तब शास्त्रों में बताई विधि अनुसार क्रमशः नियम और यम सल्लेखना के माध्यम से व्रत उपवास आहार में क्रमश त्याग कर शरीर को क्रश किया जाता है। सल्लेखना समाधि में कषायो को भी क्रश किया जाता है ।  यह मंगल देशना आचार्य शिरोमणी श्री वर्धमान सागर जी ने 66 वर्षीय आर्यिका श्री योगी मति जी के समाधि के अवसर पर टोडा नगर में मंगल प्रवेश पर आयोजित धर्म सभा में प्रगट की । राजेश पंचोलिया गज्जू भैय्या अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि ,,धर्म की रक्षा के लिए साधु आत्मा को महत्व देते हैं शरीर संयम के पालन में बाधक होने पर क्रमशः त्याग करते हैं और यह विधि अरिहंत भगवान ने अपनी देशना में बताई, जो गणधर स्वामी ने लिपिबद्ध कर शास्त्रों में अंकित की है ।आप लोग जन्म का महोत्सव मनाते हैं, शास्त्रों में साधुओं के लिए श्रावकों के लिए मृत्यु महोत्सव मनाया जाता है। क्योंकि वीर और संयमी साधु मृत्यु को आव्हान कर मृत्यु से डरते नहीं ,अपनी आंखों से मृत्यु को देखते हैं ।सल्लेखना सामान्य बात नहीं , इसमें दोष नहीं है, सल्लेखना आत्मघाती नही है क्षपक साधु आगामी दो भव से आठ भव में निश्चित सिद्धालय आरूढ़ होते हैं ।आचार्य शिरोमणी पंचम पट्टाधीशआचार्य श्री वर्धमान सागर जी से 20 अक्टूबर 2023 को दीक्षित 66 वर्षीय आर्यिका श्री योगी मति जी का 19 फरवरी की रात्रि 10.41 को सलूंबर में समाधि मरण हुआ। 20 फरवरी को डोला सलूंबर में निकाला गया।समाधिस्थ माताजी की पूजन अभिषेक कर अग्नि संस्कार किए ।इसके पूर्व टोडा सलूंबर में 20 फरवरी को आचार्य श्री का आगमन हुआ।नगर के मोहनलाल हेमावत,सोहनलाल हेमावत, जबेरचंद हेमावत, लखमीचंद,रतनलाल, गणेश लाल,ललित, भावेश, भरत, राजमल,जितेंद्र,हार्दिक ,प्रभुलाल,शांतिलाल, मेवादेवी, सुशीला देवी,सुशीला बाई, मोहनी, शांति बाई,गीता बाई आदि सहित सैकड़ों ने भव्य आगवानी की।उल्लेखनीय है कि मुंबई प्रवासी टोडा के मूल निवासी मुंबई,अहमदाबाद,पातुर,नागपुर, आदि से विशेष रूप से पधारे राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 

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