समाधिस्थ आर्यिका105 योगीमति माताजी की देह पंचतत्व में विलीन

धर्म

समाधिस्थ आर्यिका105 योगीमति माताजी की देह पंचतत्व में विलीन। सलूंबरआचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका105 श्री योगीमति माताजी का 19 फरवरी की रात्रि 10:41 पर सम्यक रूप से समाधि मरण हो गया । समाधिस्थ आर्यिका 105श्री योगी मति जी माताजी की विमान यात्रा डोला 20 फरवरी को प्रातः 8:00 बजे जैन बोर्डिंग सलूंबर से नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई भट्टारक नगरी दूदर ले जाया गया जहां पर निर्धारित स्थल पर समाधिस्थ माताजी को रखकर पूजन और पंचामृत अभिषेक उल्टे क्रम से किया गया इनके अग्नि संस्कार पूजन अभिषेक पूर्व गृहस्थ अवस्था के परिजनों ने किया इस अवसर पर उदयपुर संभाग के अनेक जिलों और नगरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित थे समाधि स्थल पर आचार्य वर्धमान सागर जी की जयकार आर्यिका श्री योगी मति माताजी की जय कार लगाई जा रही । प्रभुलाल दोषी राहुल , राजेश पंचोलिया , गज्जू भैय्या ,पंडित कमलेश अनुसार जुलूस के साथ आर्यिका श्री शीतल मति,आर्यिका श्री चैत्य मती,आर्यिका श्री विलोक मति,आर्यिका श्री देशना मति भी उपस्थित रही।   
एक परिचय। 
आर्यिका 105श्री योगीमति माताजी ने का जन्म सन 1958 में धरियावद में हुआ यह आचार्य अजीत सागर जी महाराज के समय से आचार्य वर्धमान सागर जी के संघ में शामिल है 20 अक्टूबर 2023 को उदयपुर में आपकी आर्यिका दीक्षा हुई इनके द्वारा 19 फरवरी को यम संलेखना ग्रहण कर चारो प्रकार के आहार का त्याग किया गया।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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