जब आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज 40 वर्ष की उम्र में थे तब उन्होंने पठा के डॉक्टर सुरेंद्र जैन से ज्योतिष का अध्ययन एवम शिक्षा ग्रहण की थी
टीकमगढ़
पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से जुड़े कई ऐसे संस्मरण है जिन्हें हम लिखते जाएं तो कितनी ही अध्याय लिखे जा सकते हैं और कितनी ही पुस्तक प्रकाशित हो सकती हैं कुछ ऐसा संस्मरण और कुछ ऐसी यादें जो हम आपके समक्ष साझा करना चाहते हैं।
सन 1986 का यह वाकया है जब गुरुदेव 40 वर्ष के थे तब गुरुदेव का प्रवास टीकमगढ़ की आहार जी क्षेत्र में हुआ था तब उन्होंने पठा के डॉक्टर सुरेंद्र जैन से ज्योतिष का अध्ययन एवम शिक्षा ग्रहण की थी। 
डॉ सुरेंद्र जैन ने बताया कि गुरुदेव का स्वास्थ्य के विषय में 22 जनवरी को उनके समक्ष गया था और मैने उनसे 23 जनवरी को करीब 1 घंटे तक चर्चा की थी। 78 वर्षीय जैन बताते हैं कि सन 1986 में टीकमगढ़ चातुर्मास के दौरान गुरुदेव ने ज्योति सीखने की इच्छा जताई थी तब मैंने उन्हें ज्योतिष के बारे में जानकारी दी थी। और आचार्य श्री को प्रतिदिन 1 घंटे 45 मिनट तक उन्हें ज्योतिष के बारे में जानकारी देता था। 23 जनवरी 2024 को मैंने उनसे चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में चर्चा भी की थी तब उनका स्वास्थ्य अनुकूल नहीं था।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
