त्रिलोकपुर के अतिशय क्षेत्र में स्थित नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा को गुरु मां विशुद्ध मति माताजी संघ ने एक टक निहारा एवं दर्शन किए

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त्रिलोकपुर के अतिशय क्षेत्र में स्थित नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा को गुरु मां विशुद्ध मति माताजी संघ ने एक टक निहारा एवं दर्शन किए
त्रिलोकपुर
परम पूज्य सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी एवम संघस्थ पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विज्ञ मति माताजी संघ सहित संभवनाथ भगवान की जन्मस्थली श्रावस्ती की और कदम बढ़ा रही हैं।

 

इसी क्रम में पूज्य गुरु मां का शनिवार की प्रातः बेला में त्रिलोकपुर अतिशय क्षेत्र पर मंगल आगमन हुआ और अतिशयकारी नेमिनाथ भगवान के दर्शन किए जो काले पाषाण की पद्मासन प्रतिमा है।

साथ इस क्षेत्र का वातावरण भी अलौकिक है इस जिनालय में ऊर्जा भी काफी है। पूज्य माताजी ने भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा को देखा और गदगद दिखाई दी।

 

 

एवम अतिशयकारी नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा को एकटक निहारा। पूज्य माताजी ने क्षेत्र की व्यवस्था के लिए क्षेत्र कमेटी की भी सराहना की। 

शनिवार की बेला में जब गुरु मां संघ क्षेत्र पर पहुंचा। तो क्षेत्र कमेटी ने गुरु मां की मंगल आगवानी की। शनिवार को मंगल आहारचर्या उपरांत माताजी संघ का मंगल विहार क्षेत्र से हुआ और 12 किलोमीटर चलकर रामनगर स्वास्तिक पेट्रोल पंप पर हो रहा है।
क्षेत्र का अतिशय

इस क्षेत्र का अतिशय काफी रहस्य एवम अतिशय भरा हुआ है। जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

 

भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा काफी अलौकिक है जो इस प्रतिमा के दर्शन करता है बस देखता ही रहता है। और कहा जाता है कि भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा चार बार अपना रंग बदल चुकी है। एवं वहा पर चढ़ाई हुई सुपारी 14 वर्ष पुरानी है। जो आज भी वही रखी है। इसी के साथ यहां पर एक श्रीफल भी चढ़ा हुआ है जो प्राकृतिक देवों द्वारा चढ़ाया हुआ बताया जाता है। इतना दिव्य अलौकिक क्षेत्र बाराबंकी के नजदीक स्थित है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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