तनाव बीमारियों का उत्पादन केंद्र :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
गुंसी
संसार में बहुतायत प्राणी अपेक्षाओं की अधिकता के कारण चिन्ता की खाई में गिर जाते हैं, क्योंकि अपेक्षाओं का पूर्ण होना सम्भव ही नहीं है ।

यह बात श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.)में विराजमान गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने अपने प्रवचन के माध्यम से भक्तों को संबोधन देते हुए कही।
माताजी ने कहा – चिंतित वस्तु की प्राप्ति न होने पर व्यक्ति क्रोध करता है और क्रोध को दबाने पर तनाव पनपता है तो बीमारियों का उपहार देकर ही जाता है।
तनाव सभी बीमारियों का उत्पादन केन्द्र है। क्षमता से अधिक कार्य करना, आकांक्षाओं की अपूर्णता, विपरीत धारणाओं में जीवन जीना, हठाग्रही होना, व्यसन करना, दूसरे के अभिप्राय को नहीं समझना, स्वेच्छाचार प्रवृत्ति आदि के कारण तनाव पनपता है। जो पागलपन का जनक है।


अशोक कासलीवाल गायत्री नगर व विनय सेठी लालकोठी ने पूज्य माताजी का आशीर्वाद प्राप्त कर निर्माणाधीन सहस्रकूट जिनालय के निर्माण सम्बन्धी चर्चा की ।
आगामी 25 फरवरी 2024 को पूज्य माताजी का 30वाँ दीक्षा दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जायेगा ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
