वाणी को रखो मधुरता से भरा :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी

धर्म

वाणी को रखो मधुरता से भरा :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
गुन्सी

श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज) के तत्वावधान में भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी का दीक्षा दिवस महोत्सव संबंधित समिति के द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा बनायी गयी। प्रातःकालीन अभिषेक, शांतिधारा करने का सौभाग्य पारस चैनपुरा, गणेश बोहरा बड़ानयागांव, शैलेन्द्र संघी निवाई वालों ने प्राप्त किया। गुरूभक्त सुबोध पाटनी ट्रांसपोर्ट कोटा वालों ने गुरूमाँ का मंगल आशीष प्राप्त किया। सकल दिगम्बर जैन समाज मालवीय नगर जयपुर के भक्तों ने हर्षोल्लास पूर्वक गुरुमाँ की आहारचर्या कराने का सौभाग्य प्राप्त किया।

 

 

गुरुभक्तों को दया धर्म का सदुपदेश देते हुए कहा कि -जमीन अच्छी

 

 

 

हो, खाद अच्छी हैं, परन्तु पानी अगर खारा है तो फूल कभी खिलते नहीं। भाव अच्छे हो, कर्म अच्छे हो, मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी टिकते नहीं। जिस घर में व्यवहार और संबंध खराब होने लगते है उनके आंगन में दीवारे उगने लगती है। प्रेम के बंधन से बंधा व्यक्ति ही संसार में संबंधों को निभाकर चल सकता है। ईर्ष्या, मान, क्रोध, लालच के बंधन से बंधा हुआ नहीं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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