समय को कोई नहीं पकड़ सकता आचार्य श्री सुबलसागर महाराज आचार्य श्री का जन्म दिवस परोपकार दिवस के रूप में मनाया गया
चंडीगढ़
दिगम्बर जैन मंदिर में परम पूज्य आचार्य गुरु महाराज सुबलसागर जी महाराज का अवतरण दिवस महोत्सव में सैंकड़ों भक्त परिवार सहित आए।
सभा के प्रारंभ में तनिष जिंगल चंडीगढ़ के द्वारा भव्य मंगलाचरण की प्रस्तुति हुई। आयोजनमें विपिन शिखा जैन कोचिंग सेन्टर की बालिकाओं द्वारा भव्य नृत्य भक्ति की प्रस्तुति हुई। बाहर से पधारे श्री चेतन निमोड़िया दिलीप आदि भक्तजनों के द्वारा गुरुदेव को शास्त्र भेंट किए गए।

गुरुदेव के चरणों का प्रक्षालन करने का सौभाग्य श्रीमान रजनीश जैन चडीगढ़ परिवार को प्राप्त हुआ। पूज्य गुरुदेव की मंगल आरती का सौभाग्य श्रीमान मनोज-अंकित-जैन पीयूष जैन को प्राप्त हुआ।
दूर-दराज से आए भक्त जनों न अपने गुरुदेव का जन्म महोत्सव बना कर खुशी व्यक्त की ।
यह पधारे अतिथिगण
इस अवसर पर चंडीगढ़ के भी अनेक अतिथि पधारे एवं प्रशासनिक अधिकारियों का भी आने का क्रम जारी रहा। श्रीमान अंकुर आलिया कमीशनर इनकम टेक्स एवम श्री अजय एडवोकेट ने आकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।जन्म उत्सव पर बोलते हुए पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि समय को कोई पकड़ नहीं सकता है, समय को कोई जान नहीं सकता है यह तो एक-एक पल होकर निकल रहा है। यदि चिंतंवन किया जाऐ कि यह जीव क्या कर है तो विचार आता है कि यह मनुष्य बहुमूल्य रत्नों रूपी जीवन को खोकर खाली हाथ ही वापिस जाता है। जब जन्म होता है तो यह हाथों की मुट्ठी में पुण्य रूपी संपत्ति लेकर आता है और जाता है तो पुण्य को खाली कर हाथ फैला कर ही मरण को प्राप्त होता है । प्यारे बंधुओं ! खुशी मनाते है कि हमारे जीवन के 1 वर्ष, 10 वर्ष, 20 वर्ष आदि निकल गये अब कितने और बचे है इसका चिंतंवन नहीं हैं। आपने तो गुरू का जन्म महोत्सव मनाया और बहुत ही पुण्य को कमाया है। यह पुण्य ही साक्षात् कर्मो की निर्जरा का कारण है। यह गुरु का जन्म दिवस नहीं यह जिनशासन का जन्म दिवस है। यह जिनशासन की प्रभावना करने वाले का जन्म दिवस है ऐसे करने से ही सारे देश में जिनशासन की पताका फैलेगी। बाल ब्र. गुंजा दीदी एवं श्री धर्म बहादुर जैन से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
