सिद्ध क्षेत्र बावनगजा के वार्षिक मेले में तीर्थंकर आदिनाथ विधान संपन्न आर्यिका विज्ञान मति जी माताजी ससंघ का मिला सानिध्य
बावनगजा
दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी पर वार्षिक मेले के प्रथम दिवस प्रातः भगवान के अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन संपन्न हुई ,आर्यिका संघ ने पहाड़ पर स्थित मंदिरो के दर्शन कर वंदना की पश्चात माताजी के संघ की आहार चर्या और सामयिक पश्चात मंदिर परिसर में आर्यिका रत्न विज्ञान मति जी माताजी रचित भगवान आदिनाथ तीर्थंकर विधान बड़ी भक्ति भाव से माताजी के पूरे संघ के सानिध्य में संपन्न हुआ ,विधान के पुण्यार्जक तारादेवी दिनेश जी कठलाल गुजरात को ही सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ , पंडित शुभम जी बड़ा मलहरा के निर्देशन में विधान संपन्न हुआ इस विधान में कुल 72 अर्घ और पूर्णाहुति सहित 73 अर्ध समर्पित किए गए। विधान के पूर्व माताजी के पूरे संघ को ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी, महामंत्री नरेश बड़जात्या,बरखा बड़जात्या निलेश रांवका, विपुल गंगवाल ने श्रीफल भेंट किया ।
विधान के पश्चात आर्यिका विज्ञान मति जी माताजी ने धर्म सभा में बताया की हम जिस चीज का त्याग कर सकते है उसका अभ्यास करना सीख लो अन्यथा अगले भाव में उसके परिणाम भोगना पड़ेंगे ,माताजी ने पूरे विधान में हाल के पंखे बंद करवा दिए थे और बताया की ये आपका अभ्यास है माताजी ने बताया की कई लोग आज फूटपाथ पर भीषण गर्मी में रहते है उन्होंने पंखे और अन्य साधनों का दुरुपयोग किया होगा इसलिए आज ये फल भोग रहे है ।आगे माताजी ने कहा की सौंदर्य प्रसाधन के जो साधन है उसका उपयोग बंद करो उसके लिए माताजी ने बकरे को चारा और भरपेट खाना खिलाने और चाबुक मारने वाला दृष्टांत दिया और बताया की उस बकरे ने केसे भूखे मरना पसंद कर लिया पर घास और पानी की तरफ मुंह भी नही किया और उसने समझ लिया की खाने का फल चाबुक की मार है अतः तुम भी दिन भर मत खाया करो और तुम जो खा रहे हो और अभक्ष्य खा रहे हो उसका परिणाम सोच लेना ।


माताजी ने एक 500 शुगर की मरीज महिला को बोला की उपवास कर लो तब उसने कहा की मैं तो मर जाऊंगी पर उसने उपवास किया तो उसकी शुगर भी कम हो गई और अच्छा भी महसूस करने लगी ,माताजी ने बताया की खाने का फल बीमारी है और उपवास सैकड़ों बीमारी का हल है।

मीडिया प्रभारी मनीष जैन व दीपक प्रधान ने जानकारी देते हुए बताया की शाम को गुरु भक्ति ,महा आरती और निमाड़ अंचल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रोचक रहा जिसमे पूरे निमाड़ की महिला मंडल की प्रस्तुति को बहोत सराहा गया।



गुरुवार सवेरे आदिनाथ भगवान के अभिषेक के पूर्व ध्वजारोहन, सम्मान समारोह, साधारण सभा की बैठक माताजी की दिव्य देशना,अभिषेक, शांति एलधारा और निर्वाण लाडू चढ़ाया जायेगा और निर्वाण लाडू की प्रतियोगिता के रिजल्ट भी बताए जाएंगे ,दोपहर को ही विज्ञान मति जी माताजी द्वारा रचित 1008 गणधर वलय विधान होगा ,शाम को गुरु भक्ति और आरती होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंज मंडी
