24 वर्षों के बाद गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी का गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी का हुआ मिलन।
अयोध्या
अयोध्या वह पावन तीर्थ है जिसे शाश्वत तीर्थ कहा जाता है। सरयू की बहती शीतल धारा,मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मस्थली एवम पांच तीर्थकर की जन्मस्थली है।
ऐसे ही पावन क्षेत्र पर भगवान ऋषभदेव जन्मस्थली जैन मंदिर में 3 feb 2024 को एक इतिहास लिखा गया जब दो महान गणिनी आर्यिका माताजी का महामिलन हुआ।

जी हा ज्ञान की प्रतिमूर्ति तीर्थ प्रेरक गणिनी आर्यिका 105ज्ञानमति माताजी एवम सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी का महामिलन हुआ यह महामिलन 24 वर्षो के बाद हुआ।




इन बेला में पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी भावविहल हो गई।

जब गुरु मां विशुद्धमति माताजी ने गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी को नमन किया तो माताजी ने उन्हें मंगल आशीष प्रदान की। ऐसा लग रहा था यह दो बहन आपस में मिल रही हो। निश्चित रूप से ज्ञान की धाराओं का यह महामिलन अविस्मरणीय रहेगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
