आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का श्री दिगम्बर जैन गुरुकुल में भव्य एवं ऐतिहासिक हुआ मंगल प्रवेश, शोभा यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु, गुरुदेव के जयकारों से गूंजा नगर ऋषभदेव केसरिया जी युग के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान है उन्होंने अनादि निधन जिन धर्म के धर्म चक्र का परावर्तन देश में किया। श्री ऋषभदेव भगवान से लेकर श्री महावीर स्वामी 24 तीर्थंकरों ने धर्म का प्रवर्तन किया । 20वीं सदी में जैन धर्म की श्रमण परंपरा का परावर्तन प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज ने किया। उन्होंने मुनि धर्म आहारचर्या बिहार ,जैन धर्म की संस्कृति, जिनालय की सुरक्षा जिनवाणी संरक्षण के लिए आदर्श उपस्थित किया। उनके ऋण का अंश चुकाने का अवसर आया है आचार्य श्री शांति सागर जी के आचार्य पद का शताब्दी महोत्सव वर्ष 2024 से 2025 तक देश में मनाया जाने की कार्य योजना हेतु 4 फरवरी की बैठक में अनेक प्रांतों ,नगरों से समाज प्रतिनिधि उपस्थित होगे।इसमें स्थानीय समाज को भी उपस्थित होकर सहभागिता करना चाहिए। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिघि 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने श्री ऋषभदेव गुरुकुल जिनालय में प्रथम प्रवेश पर आयोजित धर्म सभा में प्रगट की। ब्रह्मचारी गजू भैय्या,राजेश पंचोलिया,गौरव पाटनी अनुसार आचार्य श्री ने प्रवचन में बताया कि ऋषभदेव केशरिया जी विश्व प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र है यहां भट्टारक यश कीर्ति ने गुरुकुल का निर्माण संस्कारों के लिए कराया है,मूल मंदिर और गुरुकुल दोनो जिनालयों में मूल नायक भगवान श्री ऋषभ देव भगवान है।
अनेक बैंड समाज के महिला जय घोष बैंड के साथ बैंड बाजों की मधुर धुनों पर नाचते गाते श्रद्धालुओं ने घोला भक्ति रस आगामी 11 से 15 फरवरी 2024 तक होने वाले श्री 1008 ऋषभ देव जिनालय गुरुकुल नव निर्मित चौबीसी जिन बिंब पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में मिलेगा आचार्य श्री ससंघ का पावन सानिध्य।

परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणि 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। शोभायात्रा में

हजारों समाज जन, मेवाड़ वागड़ के साथ ही देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के जयकारों से आसमान गूंजा दिया। आचार्य श्री ससंघ के मंगल प्रवेश की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ शताधिक मंगल कलश शोभा यात्रा से हुआ जो विभिन्न मार्गों से होती हूई स्थित श्री दिगम्बर जैन गुरुकुल में पहुंची। शोभा यात्रा के मार्ग में आचार्य श्री के फ्लेक्स कट आउट स्वागत द्वार लगाए गए। उल्लेखनीय है की सामाजिक सदभाव का परिचय देते हुए जैन समाज के अतिरिक्त सभी समाज द्वारा शताधिक स्वागत द्वारों पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री पर पुष्प वर्षा कर उनका वंदन किया। उनकी आरती की गई एवं नमोस्तु गुरुदेव नमोस्तु गुरुदेव आचार्य शिरोमणी श्री वर्धमान सागर के जयकारे लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक भट्टारक यशकीर्ति दिगंबर जैन धर्मार्थ ट्रस्ट, एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के तत्वाधान में तथा सकल दिगंबर जैन समाज ऋषभदेव के सहयोग से आयोजित 11 फरवरी से 15 फरवरी तक पांच दिवसीय श्री आदिनाथ जिन बिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का मंगल कार्य संपादित करवाने हेतु आचार्य श्री का मंगल प्रवेश हुआ है। पंचकल्याणक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रतिष्ठा समिति अध्यक्ष सेठ राजमल कोठरी।

गुरुकुल ट्रस्ट के महामंत्री सुंदर लाल भाणावत ,उपाध्यक्ष सुरेश कोठारी प्रतिष्ठा समिति के महामंत्री प्रकाश भाणावत दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र वालावत ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ मैं पावन सानिध्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज संघ का सानिध्य रहेगा। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन ऋषभदेव केसरिया गुरुकुल में होगा। कार्यक्रम में मेवाड़ वागड़ सहित देश के विभिन्न प्रांतों से समाज जन पहुंचेंगे।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का श्री ऋषभ देव दिगंबर जैन गुरुकुल में आचार्यश्री ससंघ के मंगल प्रवेश के बाद आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को देशना के पूर्व धर्मसभा में संगीतमयी मंगलाचरण पर भक्ति नृत्य का प्रस्तुति हुई। इसके बाद चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन , शास्त्र भेंट, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी गुरूदेव के पाद प्रक्षालन एवं गुरूदेव की आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान पुण्यर्जाक परिवारों द्वारा विधिवत सम्पन्न हुए।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
