अयोध्या धाम रामलला के दर्शन करने हेतु आस्था स्पेशल ट्रेन से गए भक्त अभिभूत
रामगंजमंडी
22 जनवरी का वह दिन जो इतिहास के पन्नों पर अमिट कहा जाएगा जी हा क्यों न हो 500 साल बाद रामलला की स्थापना वह सरयू की शीतल धारा जिसने कितने बलिदान झेले है।
अयोध्या धाम रामलला के स्थापना के बाद भला कोन दर्शन कर अपना पुण्य अर्जित नही करना चाहेगा।इसको देखते हुए एक विशेष ट्रेन भारतीय रेल विभाग द्वारा चलाई गई है जिसे आस्था स्पेशल का नाम दिया गया है जो गुरुवार की रात्रि बेला में कोटा से रवाना हुई। इसमें लगभग 1400 से अधिक यात्री शामिल रहे।

जब यह ट्रेन कोटा स्टेशन पर रवाना हुई तो समस्त यात्रियों का जबरदस्त स्वागत किया गया डीआरएम महोदय मौजूद रहे। इतना बहुत पूर्व स्वागत सचमुच नहीं देखा जा सकता कोटा स्टेशन पर जय श्री राम जय श्री राम के नारे गूंज रहे थे और हर कोई इस अवसर पर खुशी से झूम रहा था।

यह पल हमसे सांझा किया यात्रा कर रहे अशोक अग्रवाल रामगंज मंडी एवं दीपक शाह रामगंजमंडी ने उन्होंने बताया कि हम अयोध्या जा रहे हैं यह हमारे लिए पुण्य का स्वर्णिम अवसर है। और हम भारतीय रेल विभाग का भी धन्यवाद करना चाहेंगे कि उन्होंने एक आस्था स्पेशल ट्रेन चलाई। उन्होंने कहा कि इसमें जो व्यवस्थाएं की गई हैं वह सचमुच अलौकिक हैं और बहुत ही आधुनिक है।

श्री अशोक अग्रवाल एवं दीपक शाह बताते हैं कि पुरी ट्रेन में जो माहौल है वह वाकई में भक्ति में बना हुआ है। सब तरफ जय श्री राम जय श्री राम एवं भजनों की धुन सुनाई दे रही है।

मेरी झोपड़ी के राम आएंगे आएंगे राम आएंगे जैसे भजनों की गूंज गूंज रही है।साथ ही साथ रेल विभाग में जो व्यवस्था की है इसमें पूर्णतया अल्पाहार की व्यवस्था से लेकर भोजन की व्यवस्था तक एवं सुरक्षा की दृष्टि से जीआरपी के जवानों को भी लगाया गया है। इन दोनों ने कहा कि यह ट्रेन के अंदर हमेलग रहा है कि हम घर में हो। अब हम साक्षात राम भगवान के दर्शन करके अपने आप को धन्य महसूस करेंगे। निश्चित रूप से यह भक्ति आस्था का सेलाब अपने आप में एक अविस्मरणीय है। इन पलों की स्मृति को हम हमेशा हमारे स्मृति पटल पर संजोकर रखेंगे। इन्हीं पलों को संजोते हुए
विष्णु शर्मा हरिहर कोटा ने एक रचना भी लिखी है।रामलला के दर्शन करने,
चले राम के प्यारे।
राम -राम श्री राम- राम जय,
बोल रहे हैं सारे।।
चेहरे सबके खिले हुए हैं,
मन में खुशियाँ भारी।
भाव पुष्प की माला लेकर,
मिलने की तैयारी।।
राम धाम में प्राण प्रतिष्ठित,
राजा राम हमारे।
रामलला के दर्शन करने,
चले राम के प्यारे।।1।।
पाँच सदी के संघर्षों की,
आज साधना पूरी।
नहीं सहन होती है भगवन,
पल भर भी अब दूरी।।
धरती अंबर जय -जय बोले,
नाचे चंदा तारे।
रामलला के दर्शन करने,
चले राम के प्यारे।।2।।
जोड़ रहा है नाम आपका,
नगर गाँव हर जन को।
बाल रूप को देख देखकर,
मिले तसल्ली मन को।
सारी दुनिया लगा रही है,
राम राज्य के नारे।
रामलला के दर्शन करने,
चले राम के प्यारे।।3।।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
