*जीवन का भरोसा नहीं :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.) में ससंघ विराजित गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि – जीवन का कोई भरोसा नहीं है।
पुण्य कर्म भगवान की भक्ति करने के लिए समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। क्या पता कब सांस बंद हो जाए और जीवन लीला समाप्त हो जाए।




मनुष्य जीवन में ही पुण्य कर्म का मौका मिलता है। यदि आगे का जन्म सुधारना है तो, इसी जन्म में पुण्य कर्म करने होंगे। कभी भी दूसरों को दुख नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को झूठ तभी बोलना चाहिए, जब उससे किसी का कल्याण हो।
चतुर्दशी पर्व के अवसर पर माताजी ससंघ ने उपवास पूर्वक तपाराधना की । स्वाध्याय आदि के माध्यम से चर्या को उत्कृष्टता प्रदान की ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
