निवाई मे विभा श्री माताजी का 28 वाँ दीक्षा जयंती समारोह गुरु उपकार दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया।
देश भर से आए श्रद्धालुओं ने समारोह में शामिल हुए
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निवाई 20 फरवरी श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में गणिनी आर्यिका विभा श्री माताजी का 28 वाँ दीक्षा दिवस समारोह गणिनी आर्यिका संगम मति माताजी के सान्निध्य में गुरू उपकार दिवस के रूप में मनाया गया। जिसमें श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के तहत रविवार को गुरु मां के चरणों में विन्याण्जली दी। जिसमें देश भर से आए श्रद्धालुओ ने हिस्सा लिया।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौला व राकेश संघी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ बसंत कालोनी की महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण के साथ किया गया। इस दौरान आचार्य विराग सागर महाराज की तस्वीर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का दीप-प्रज्वलित समाज के श्रद्धालुओ ने किया।इस दौरान आर्यिका माताजी को वस्त्र भेंट किया गया। इसके बाद गुरु मां का पादप्रक्षालन श्रेष्ठी तारा चन्द महावीर प्रसाद जैन बडला कोटा ने किया। शास्त्र भेंट सुमित्रा देवी राजकुमार जैन पार्श्वनाथ एशोशियन परिवार ने किया। आरती सुशील जैन ने की। गुरु मां की दीक्षा जयंती को लेकर निवाई व दूर दराज से आए सभी महिलाओं द्वारा अलग अलग वेशभूषा जिसमें पंजाबी हरयाणवी राजस्थानी गुजराती बंगाली सहित अनेक ड्रेस कोड पर आधारित गाजे बाजे के साथ अष्ट दृव्य से भक्ति नृत्य के साथ पूजन किया गया।जिसमें संगीतकार अजीत पाण्डया कुचामन के मधुर भजनों पर पूजा करने के लिए जैन श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा।




जैन समाज के मीडिया प्रभारी विमल जौला व राकेश संघी ने बताया कि आर्यिका विभा श्री माताजी की दीक्षा जयंती के अवसर पर सर्वप्रथम भगवान शांतिनाथ का 108 कलशों से अभिषेक किया गया। इसके बाद सहत्रनाम शांतिधारा की गई।तत्पश्चात नित्य पूजन के साथ जिनगुण सम्पति महामण्डल विधान का आयोजन किया गया।

समाजसेवी एवं कार्यक्रम संयोजक विष्णु बोहरा एवं सुशील जैन आरामशीन ने बताया कि 28 वाँ दीक्षा महोत्सव काय॔कृम में सर्व प्रथम णमोंकार महिला मंडल निवाई के जय घोष के साथ गुरु माँ विभा श्री माताजी ससंघ का कार्यक्रम स्थल पर बनाये गए मंच पर आगमन हुआ।इसके पश्चात 28 जोड़ो द्वारा गुरू माँ का पादप्रक्षालन किया गया। पाठशाला के बच्चों द्वारा जैन नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई।इसके बाद बसंत काॅलोनी की बालिकाओं ओर महिलाओं द्वारा भक्ति नृत्य किया गया। कार्यक्रम के बीच में लक्की ड्रा भी निकाला गया।सायंकाल 108 दीपक से गुरु माँ विभा श्री की आरती की गई।इस दौरान आर्यिका विभा श्री माताजी का 28 वाँ दीक्षा दिवस पर अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन बसंत जैन किशनगढ ने किया। इस अवसर पर टोंक जयपुर सुरत नागोर शिखर किशनगढ राहोली शिवाड सवाईमाधोपूर सहित दूर दराज से आए श्रद्धालुओ ने आर्यिका माताजी की जीवनी पर विन्याण्जली दी।इस अवसर पर गणिनी आर्यिका विभा श्री माताजी ने सभी निवाई वासियो व बहार से आये सभी अतिथियों को भरपूर आशीर्वाद दिया।उन्होंने कहा कि महाव्रतो से बीजारोपण होता है।आर्यिका विभा श्री माताजी ने यह भी कहा कि दुनिया की सबसे कीमती चीज शांति है,धर्म करने से सुख व शांति दोनों मिलती है।सारी दुनिया सुख व शांति की खोज करती है।आवश्यकता आविष्कार की जननी है।उन्होंने कहा कि इस दुनिया में लोग खाली हाथ आते ओर खाली हाथ चले जाते हैं,कोन कब बड़ा बन जाए कौन कब छोटा बन जाए।यदि जन्म की परम्परा है तो मृत्यु की परम्परा भी है।जिसकी जैसी मति होगी उसको वैसी गति मिलेगी।जितना सुख आत्मा में है वह परम सुख परमात्मा के पास है। समारोह में श्रावक रत्न संजय पापडी़वाल किशनगढ़ महावीर प्रसाद पराणा त्रिलोक रजवास सहित जैन नसियां मंदिर एवं अग्रवाल मंदिर के श्रद्धालुओं ने आर्यिका संगम मति एवं विभाश्री माता जी के समक्ष श्री फल भेटकर आशीर्वाद लिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
