भगवान को मानने के साथ भगवान की बात भी मानो:पूर्णमति माताजीजीवन में जब तक क्षमा नहीं, तब तक जीवन खाली है
ग्वालियर 5 अगस्त!
जो धन दौलत को तुम अपनी स्वयं की संपत्ति समझते हो, वह तो एकदिन यही रखी रह जाएगी, इंसान की असली संपत्ति तो इंसान का आत्मबोध और ज्ञान होता है, यही संपत्ति तुम्हारे जीवन को आत्म कल्याण के पथ पर ले जायेंगी! मैं यदि तुमसे पूछूं कि तुम भगवान को कितना लोग मानते हो, तो जवाब यही आएगा कि सभी लोग भगवान को बहुत मानते हैं, अब यह बताओ कि भगवान की बात कितनी मानते हो, ग्रंथ शास्त्र और जिनवाणी के माध्यम से भगवान हमें भगवान की वाणी मिलती है उसे जीवन में कितना आत्मसात कर पाते हैं, यह बात बहुत महत्वपूर्ण है! यह उदगार पूज्य आर्यिका पूर्णमति माताजी ने सोमवार सिरोल चौराहा स्थित साक्षी एंक्लेव में आयोजित धर्म सभा में दिए!
माताजी ने कहा अच्छे कर्मों का इत्र लगा लो यह हमें सिद्ध पद की ओर ले जाता है, उन्होंने बताया कि जो लोग ज्ञानी होते हैं उन्हें झमेला नहीं अकेलापन पसंद है।
क्षमा आवश्यक है – माताजी ने बताया कि जीवन में धर्म और धन कमाया और क्षमा का भाव ना पाया, तो कैसे करोगे प्रभु साधना और आराधना!

मुरार के करण जैन बने हैं नेमिकुमार, 9 को निकलेगी नेमि कुमार की भव्य बारात*।


चातुर्मास कमेटी के संयोजक विजय जैन एवं प्रवक्ता ललित जैन ने बताया पूज्य माताजी के दीक्षा दिवस पर 9 से 11 अगस्त तक तीन दिवसीय आराधना महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 9 तारीख को मुरार के करण जैन जो नेमिकुमार बनकर विवाह रचाने अब बारात लेकर आएंगे!
और 10 अगस्त को नेमिकुमार को वैराग्य होगा, और वह गिरनार पर्वत पर जाकर तपस्या करते हुए भगवान बन गए!
ललित जैन ग्वालियर से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
