*सफलता प्राप्ति के लिए आत्मविश्वास जरूरी :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
गुंसी
गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने प्रवचन देते हुए कहां कि- ब्लेड की धार तेज होती है लेकिन पेड़ को नहीं काँट सकती। कुल्हाड़ी मजबूत होती है लेकिन बाल नहीं काँट सकती वैसे ही हर इंसान अपनी-अपनी काबलियत के अनुसार ही श्रेष्ठ होता है। इसलिये अपने आप की ही तुलना किसी और से कभी भी नहीं करें। तुलनात्मक सोच से जीवन में दुःख ही दुःख मिलेगा। अपने आत्मविश्वास के बल पर पुरुषार्थ करने से सफलता मिलेगी।
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज) की पावन धरा पर नवनिर्मित श्री 1008 शांतिनाथ चैत्यालय में अखण्ड दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य हरकचन्द महावीर प्रसाद काला लालास वाले सीकर ने प्राप्त किया ।








अभिषेक शांतिधारा के तदुपरांत माताजी ससंघ की आहारचर्या कराने का सौभाग्य संजू ललवाडी एवं पारस चैनपुरा वाले निवाई वालों ने प्राप्त कर अक्षय पुण्य का संचय किया।
इतनी शीत के मौसम में भी उपवास कर पूज्य गुरु माँ स्वयं अपनी उत्कृष्ट चर्या पालन कर रही है साथ ही ससंघ की चर्या को स्वाध्याय , भक्ति आदि के माध्यम से प्रखर बना रही है ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
