हम दो परंपरा के नहीं एक ही परंपरा के हैं जो शांति सागर महाराज की है। सुधासागर जी महाराज पूज्य मुनि श्री अमित सागर महाराज एवम सुधा सागर महाराज संघ का हुआ महामिलन
फिरोजाबाद
जिस नगरी को सुहाग की नगरी के रूप में जाना जाता है, आज उसी नगरी में सोने पर सुहागा जैसा कार्य हो गया।
शाम की बेला में भारी शीत लहर कोहरे में शाम 5 बजे ज्ञान की दो धाराओं का महा समागम एवं महा मिलन सभी को देखने को मिला जी हां एक और पूर्व में विराजित प्रज्ञाश्रमण मुनि श्री अमित सागर महाराज एवं निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर महाराज का महामिलन हुआ।

इस भव्य महा मिलन का साक्षी छदामीलाल जैन मंदिर बन गया जो अविस्मरणीय कहा जाएगा जब जब दोनों महाराज का महा मिलन हुआ तब जय जयकार का शोर सुनाई देने लगा जैन धर्म की जय जैन धर्म की जय सुधा सागर महाराज की जय अमित सागर महाराज की जय के जय जय कारों से गुंजायमान था भव्य शोभा यात्रा के रूप में पूज्य महाराज श्री संघ को मंदिर लाया गया।




दोनों महाराज संघ ने जिनालय के दर्शन किए उसके उपरांत जो क्षण देखने को मिले वह बहुत ही भावुक क्षण कहे जा सकते हैं एवं वात्सल्यता का एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। दोनों महाराज के बीच जब चर्चा देखी गई तो एक अलग ही वातावरण दिख रहा था मानो लग रहा था कि सचमुच ज्ञान की दो धाराओं का महा समागम किसे कहा जाता है।

यूं कहे तो शंका समाधान जिज्ञासा समाधान पूज्य गुरुदेव सुधा सागर महाराज का टीवी चैनलों के माध्यम से यूट्यूब के माध्यम से रोज देखा जाता है लेकिन आज का जो शंका समाधान था वह युगो युगों तक किया जाएगा । जी हां आज का यह क्षण दिखा रहा था ना हम तेरापंथी, ना हम 20 पंथी हम तो हैं आगम पंथी इन दोनों महाराज के समागम से यह उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।

शंका समाधान के समय में पूज्य निर्यापक श्रमण सुधा सागर महाराज जी अपनी मार्मिक वाणी में कहा कि हम दो परंपरा के नहीं, एक ही परंपरा के हैं और वह परंपरा है आचार्य श्री शांति सागर महाराज की। उन्होंने कहा हम दोनों चाचा और भतीजे हैं, हम एक थे और हम एक ही रहेंगे। इन शब्दों के बाद पूरा पंडाल तालिया की स्वर लहरियों से गूंज उठा और जय जयकार का शोर धुनाई देने लगा। अमित सागर जी महाराज से हमारी जान पहचान बहुत पुरानी है । जिस मंदिर में जो परम्परा चल रही है वो चलनी चाहिए । अभिषेक पूजा पध्दति पर मतभेद भले ही हो मनभेद न होने दे ।
आज का यह संत समागम अपने आप में समाज को एक आइना दिखा रहा है। और हमें भी एक बनकर धर्म की प्रभावना में आगे आना चाहिए। और यह है यही सीख दे रहा है कि हम एक धर्म की अनुयाई हम एक धर्म के विश्वासी आपस में कोई मतभेद न हो, आपस में कोई मतभेद न हो।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
