धर्म पुरुषार्थ से मोक्ष पुरुषार्थ मिलता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

धर्म

धर्म पुरुषार्थ से मोक्ष पुरुषार्थ मिलता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
सलूंबर
आचार्य शिरोमणी वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जैन बोर्डिंग सलूंबर में संघ सहित विराजित है दिगंबर बीसा नागदा समाज एवम पंच कल्याणक प्रतिष्ठा समिति द्वारा सकल दिगम्बर जैन समाज के सहयोग से चारित्र चक्रवती आध्यात्मिक संस्कार शिविर आयोजित किया गया है

 

आध्यात्मिक संस्कार शिविर के माध्यम से जिन भगवान की दिव्य देशना जो गौतम गणघरस्वामी ने जिनवाणी के माध्यम से प्रसारित की ।आचार्य परंपरा से हमें जिनागम प्राप्त हुआ है, जिनागम में भगवान की दिव्य देशना है भगवान ने जो कहा है वही जिनवाणी है ,और उसका पालन करना हमारा कर्तव्य है। जिनागम जीवन का दर्पण है दर्पण का अवलोकन कर आप बाहर जाते हैं दर्पण भीतर का रूप दिखाता है, दर्पण को देखकर शरीर को श्रंगारित कर बाहर जाते हो, जिनागम रूपी दर्पण हमारे भीतर आत्मा को दिखाता है आत्मा पर लगे कर्मों को दिखाता है ।

       

 

जिस प्रकार हम दर्पण में शरीर देखते हैं उसी प्रकार हमें जिनागम के माध्यम से आत्मा को देखने का प्रयास करना चाहिए। संसार परिभ्रमण में कर्मों का आश्रव होकर बंघ भी हुआ है संसारी प्राणियों ने कर्मों को संग्रहित कर रखा है जैसा कार्य करते हैं वैसे कर्मों से हमें पुण्य या पाप की प्राप्ति होती है अच्छे कार्यों से पुण्य मिलता है अशुभ कार्य से पाप और कर्मों का उदय होता है।

 

 

 

       

 

 

जिनागम के माध्यम से तप संयम से पुरुषार्थ कर हम कर्मों को आत्मा से नष्ट कर सकते हैं। यह मंगल देशना सलूंबर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रगट की। ब्रह्मचारी गजू भैय्या, राजेश पंचोलिया , जय प्रकाश शाह अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि जिनागम में श्रावकों के कार्य बताए गए हैं

       

 

 

देव दर्शन ,अभिषेक, पूजन , दान स्वाध्याय को विधि पूर्वक आगम अनुसार करने से कर्म नष्ट होते हैं इसलिए आध्यात्मिक संस्कार शिविर के माध्यम से आपको जिनागम की छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी जा रही है इससे आप परिणाम को सुधार सकते हैं इसलिए शरीर के बजाय आत्मा का चिंतन करें।

 

इसके पूर्व आर्यिका श्री दिव्यांशु मति जी ने पूजन विधि और प्राप्त होने फल पर बताया कि भगवान की पूजन सर्वोत्तम सामग्री से करने से परिणामों में विशुद्धि आती है
राजेश पंचोलिया इंदौर वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी

       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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