अंबर को अपना वस्त्र मानते हैं वह है दिगंबर मुनि श्री विहसंत सागर महाराज
बरासो
राजकीय अतिथि मेडिटेशन गुरु मुनि श्री विहसंत सागर महाराज का शुक्रवार की बेला में पावन प्राचीन अतिशय क्षेत्र बरासो में मंगल आगमन हुआ।
मंगल आगमन के स्वर्णिम पलो में मंदिर कमेटी एवं महिला सदस्यों द्वारा पूज्य महाराज श्री की मंगल अगवानी की। पूज्य महाराज श्री के चरणों का प्रक्षालन किया गया। पूज्य महाराज श्री डबरा से पैदल विहार करके क्षेत्र पर आए। महाराज श्री का जब आगमन हुआ तो जगह-जगह रंगोलिया बनी हुई थी। उनके स्वागत में सभी हर्षित नजर आ रहे थे।




इस स्वर्णिम अवसर पर महाराज श्री ने दिगंबर संत का महत्व बताया उन्होंने कहा कि दिगंबर मुनि भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी में अपने तन पर एक भी वस्त्र धारण नहीं करते हैं, क्योंकि जो दिगंबर हैं वह अंबर को ही अपना वस्त्र मानते हैं। इसीलिए वे मुनि बनकर अपने तप त्याग तपस्या के बल पर सर्दी और गर्मी की इस अवस्था को स्वीकार करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते है। पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 31 दिसंबर 2023 एवं 1 जनवरी 2024 को भव्य आयोजन होने जा रहा है जिसमें 31 दिसंबर 2023 को दोपहर की बेला में महामंडल विधान एवं रात्रि की बेला में एक शाम बरासो बाबा के नाम भजन संध्या होगी एवं भक्तामर दीप महाअर्चना भी होगी। एवं नव वर्ष 2024 का आगाज मूलनायक महावीर भगवान के मस्तका अभिषेक महा अर्चना के साथ होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
