नगर गौरव प्रयोग सागर महाराज एवम प्रबोध सागर महाराज का जन्मभूमि सनावद में 28 दिसंबर को होगा भव्य प्रवेश स्वर्ग धरा पर उतरने का होगा भव्य नजारा
सनावद
सनावद नगर किसी परिचय को मोहताज नहीं है…मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल का यह शहर अपने आप में एक अनूठा शहर हैं श्रमण परंपरा में जिसका नाम स्वर्ण अक्षरों में उल्लेखित है इस श्रमण उर्वरा भूमि में न केवल त्यागी वृति अपितु जैन जगत के आचार्य, और मुनियों ने जन्म लिया है इसी धरा के दो दैदीप्यमान सितारे

श्री श्रेयांश भैया और श्री संदेश भैया जो अपनी तरुणाई में ही इस नगर से निकल कर वैराग्य को धारण कर सदी के महामना आचार्य संत शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महामुनिराज की चरण सन्निधि में मुनि श्री108 प्रयोगसागर जी महाराज और मुनि श्री 108प्रबोध सागर जी महाराज के नाम से मुनि पद को प्राप्त किये।



विवरण
. सन 1998 में मुनि पद प्राप्त करने के उपरांत पिछले 25 वर्षो से नगर नगर धर्म प्रभावना कर रहे है….आचार्य भगवंत की महती कृपा से आगामी 28 दिसंबर को अपने निज नगर सनावद में दीक्षा उपरांत प्रथम बार पधार रहे हैं.। वह..कितना अनुपम दृश्य होगा जब इस नगर की गलियों में खेले बड़े हुए दो बालक अब मुनि अवस्था में यहां की गलियों में पधारेंगे….वर्षो से प्यासी अंखियां जिन्हे अपनी धरा पर देख हर्षातिरेक से भाव विह्वल होंगी…धन्य होंगे वो लोग जो इन पलों के साक्षी बनेंगे।..
सनावद समाजवासी एवम सभी से अपील कर रहे है की इन पलों के साक्षात गवाह बनकर अक्षय पुण्य के भागी बने.।राहुल जैन राही डोंगरगांव जिला – राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
